-बाढ़ से निपटने की जिला प्रशासन की तैयारियों की खुली पोल

-तीन दिन से नहीं लग रहा कंट्रोल रूम का फोन

-सुनने को तैयार नहीं हैं बीएसएनएल के कर्मचारी

vineet.tiwari@inext.co.in

ALLAHABAD: बाढ़ से बचने के उपाय खुद ही खोजने होंगे. क्योंकि, लगातार जलवृद्धि के बावजूद सरकारी मशीनरी पूरी तरह हरकत में नहीं आई है. इसका उदाहरण बाढ़ कंट्रोल रूम का फोन नंबर है. यह तीन दिन से काम नहीं कर रहा है. ताज्जुब की बात यह है कि इस पर जिला प्रशासन ने भी अभी तक कोई एक्शन नहीं लिया है. इन नंबरों पर फोन करने वालों को निराशा का सामना करना पड़ा.

एक दिन नहीं तीन दिन

गंगा-यमुना में बढ़ते पानी के स्तर के बाद प्रशासन कितना अलर्ट है, इसको जांचने के लिए दैनिक जागरण-आई नेक्स्ट रिपोर्टर ने रियलिटी चेक किया. इसके तहत जिला प्रशासन की तरफ से जारी हेल्पलाइन नंबर 0532-2641577 और 2641578 पर पिछले तीन दिनों में अलग-अलग समय पर फोन किया गया. इस दौरान लगातार फोन डेड होने की बात सामने आई.

डे-1

टाइम: 2 बजे दोपहर

दोपहर के 2 बजे रिपोर्टर ने प्रशासन द्वारा बाढ़ के लिए जारी हेल्पलाइन नंबर 0532-2641577 पर लगातार फोन किया गया. लेकिन फोन लगा ही नहीं.

डे-2

टाइम: 10 बजे सुबह

सुबह 10 बजे 0532-2641577 और 2641578 दोनों नंबर्स पर लगातार कॉल की जाती रही. लेकिन फिर से वही हाल मिला

डे-3

टाइम: 4 बजे शाम

तीसरे दिन भी कंट्रोल रूम के उपरोक्त दोनों नंबरों पर लगातार फोन लगाने की कोशिश की जाती रही, लेकिन नतीजा सिफर रहा.

पहुंचने पर हैरान करने वाली हकीकत

तीन दिन लगातार कॉल करने के बाद जब फोन नहीं लगा तो दैनिक जागरण-आई नेक्स्ट रिपोर्टर हकीकत जानने के लिए राहत केन्द्र पर पहुंचा. कर्मचारियों से पूछताछ की तो पता चला कि फोन खराब है. तीन दिन से इसकी शिकायत बीएसएनएल कर्मचारियों से की गई है लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई.

1077 पर दर्ज कराएं शिकायत

दोनों नंबर्स खराब होने की कंडीशन में टोल फ्री नंबर 1077 पर लोग बाढ़ से संबंधित अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं.

फैक्ट फाइल

29 शहर में कुल बाढ़ राहत केंद्रों की संख्या

2500 करीब शहर में कुल नाव की संख्या

50 बड़ी नाव

1500 मझोली नाव

500 छोटी नाव

10 देशी नाव

01 लांच और 03 मोटर बोट : जल पुलिस के पास नाव की संख्या

19 शहर में कुल बाढ़ चौकियों की संख्या

वर्जन

हमने बीएसएनएल को टेलीफोन नंबर खराब होने की सूचना दे दी है. उनका कहना है कि सड़कों के चौड़ीकरण और तोड़फोड़ की वजह से आए दिन टेलीफोन लाइन डिस्टर्ब हो रही है. इसकी जल्द मरम्मत करवाई जा रही है.

-मार्तड प्रताप सिंह, एडीएम फाइनेंस व प्रभारी आपदा राहत