-कार्बेट और राजा जी के संवेदनशील इलाकों में तेज हुई गश्त

-शिकारियों के खतरे को लेकर जारी है अलर्ट

>DEHRADUN: कार्बेट पार्क और राजा जी पार्क में शिकारियों से निपटने के लिए ऑपरेशन मानसून शुरू किया गया है. संवेदनशील इलाकों में शिकारियों की तलाश में गश्त तेज करने के साथ-साथ सर्च अभियान चलाया जा रहा है. वहीं डॉग स्क्वॉयड की मदद भी ली जा रही है. बरसात के बावजूद यह टीमें पैदल गश्त करेंगी, जिसके लिए वन विभाग ने पूरे इंतजाम कर दिए हैं.

टाइगर्स के लिए अच्छा नहीं रहा यह साल

टाइगर्स के लिए यह साल अच्छा नहीं रहा. बावरिया गिरोह ने एक या दो नहीं, बल्कि चार टाइगर्स को मार डाला. यह वह आंकडे़ हैं, जो शिकारियों के पकड़े जाने के बाद खाल बरामद होने से हुए. इसके अलावा गुलदार की बात करें तो उनके शिकार की संख्या इससे कहीं अधिक है. खासतौर से सबसे अधिक खतरा कार्बेट की सीमाओं पर ही है.

डॉग स्क्वॉयड से ली जा रही मदद

कार्बेट टाइगर रिजर्व पार्क और राजा जी नेशनल पार्क में सुरक्षा के मद्दे नजर डॉग स्क्वॉयड की मदद भी ली जा रही है. सीमाओं पर गश्त करने के साथ-साथ संवेदनशील इलाकों में सर्च अभियान चल रहा है. इसके अलावा सीमाओं पर रहने वाले गांवों में भी अभियान चल रहा है.

घुमंतू जाति पर विशेष नजर

दोनों ही स्थानों पर सीमाओं से घुमंतू जाति के लोगों को हटाया जा रहा है. इसके अलावा आसपास के गांवों में मुखबिर भी तैयार किए जा रहे हैं, ताकि बाहरी व्यक्ति के दिखने पर सूचना मिल सके. इस अभियान को वन विभाग ने आपरेशन मानसून का नाम दिया है.

राशन से लेकर दवाई सभी का इंतजाम

कार्बेट पार्क की बात करें तो जिन टीमों को जंगल के अंदर लगाया गया है, उनके दो महीने के राशन और दवाइयों का इंतजाम कर दिया गया है. चूंकि जंगलों में रास्ते टूटने के कारण बाहरी क्षेत्रों से संपर्क कट जाता है, इसलिए ही दवाइयों के साथ-साथ एंटी स्नैक बैनम तक पहुंचा दी गई है. ताकि जरूरत पड़ने पर टीम खुद का इलाज भी कर सके.

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बरसात के चलते सुरक्षा बढ़ा दी गई है. ऑपरेशन मानसून शुरू हो चुका है, इसके लिए सीमाओं पर गश्त बढ़ाई गई है, साथ ही फ्लैग मार्च निकाला जा रहा है. आसपास के गांवों में सर्च अभियान भी चल रहा है. वहीं जंगलों के अंदर पैदल गश्त तेज की गई है. टीम जंगलों में रहे, उनके दो महीनों के राशन और दवाइयों का प्रबंध कर दिया गया है.

---साकेत बडोला, डिप्टी डायरेक्टर, कार्बेट टाइगर रिजर्व पार्क