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PATNA (11 Oct): डीएम कुमार रवि ने पटना जिले में संचालित सिनेमाघरों में पबिलक सुविधा और सेफ्टी को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने सिनेमाघरों की जांच के लिए निर्देश दिए हैं. इसके लिए उन्होंने 13 जांच दलों का गठन किया है जो जिले में चल रहे सिनेमाघरों की जांच करेंगे. लोगों को दी जाने वाली सुविधाओं के अलावा उनकी सुरक्षा और मानदंड की भी जांच करेंगे. जिसमें मुख्य रूप से अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, भवन की वर्तमान स्थिति, सिनेमाघर संचालन की अनुमति, प्रवेश और निकास द्वार व्यवस्था, पार्किंग व्यवस्था, शौचालय, यूरिनल आदि के संबंध में जांच होगी. डीएम ने यह भी कहा है कि सभी सिनेमाघरों की अनुमति के रिनुअल के लिए अपना प्रस्ताव जल्द से जल्द उपल?ध कराएं.

भवन नक्शे की होगी जांच

डीएम ने कहा कि सिनेमाघरों की बिल्डिंग कोड और बिल्डिंग बाईलॉज के अनुसार भूकंपरोधी होना चाहिए. वाहनों और दर्शकों के लिए पहुंच मार्ग सही होना चाहिए. प्रवेश और निकास द्वारा के अलावा सीढि़यां और गैंगवे फिसलन रहित होना चाहिए. सिनेमाघरों में रौशनी व्यवस्था पर्याप्त होना चाहिए.

चले दो मिनट की डॉक्यूमेंट्री

डीएम ने अपने निर्देश में कहा कि इमरजेंसी डोर होना चाहिए. इसकी शार्ट डॉक्यूमेंटरी फिल्म दो मिनट का प्रत्येक शो में प्रदर्शित होना चाहिए. आपदा प्रबंधन और निष्कासन के लिए आवश्यक प्रबंध रहना चाहिए. तीन माह पर मॉक ड्रिल किया जाना चाहिए. सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था के अलावा प्राथमिक उपचार व्यवस्था, एलार्म सिस्टम आदि सिनेमाघरों में लागू होनी चाहिए.

इन सिनेमाघरों की होगी जांच

-रिजेंट सिनेमा, गांधी मैदान

- मोना सिनेमा घर, गांधी मैदान

- सवित्रा चित्रशाला, बाढ़

- डायना टॉकीज दानापुर

- उदयचित्र मंदिर सिनेमाघर, बिहटा

- न्यू सिनेमा लक्की हाउस, मोकामा

- ममता चित्र मंदिर सिनेमाघर

विभागों से लेनी होगी एनओसी

डीएम ने बताया कि लाइसेंस रिनुअल के लिए भवन निर्माण विभाग, अग्निशमन विभाग, वाणिज्यकर विभाग और विद्युत निरीक्षक से एनओसी लेना होगा. सिनेमाघरों में अग्निशमन यंत्र होने चाहिए और वे सक्रिय मिलने चाहिए. फायर सेफ्टी के लिए कम से कम एक प्रशिक्षित कर्मचारी की तैनाती होनी चाहिए.