- एकेटीयू व कलाम सेंटर्स की ओर से शुरू हुआ दो दिवसीय युवा सम्मेलन

- एकेटीयू साई के सहयोग से शुरू करेगा स्टार्टअप प्रोग्राम

- हर साल 40 से 50 आइडिया का होगा चयन, कम्पनी करेगी फंडिंग

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LUCKNOW: पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम युवाओं से कहा करते थे कि खुली आंखों से सपने देखो फिर उसे साकार करने का प्रयास करो. वह यह भी कहते थे कि भारत युवाओं का देश है. साल 2020 तक भारत विश्व का सबसे ज्यादा युवाओं वाला देश बन जाएगा. हमारे युवा देश की पूंजी हैं, जरूरत है इस पूंजी का ठीक से उपयोग किया जाए. यह बातें राज्यपाल राम नाईक ने मंगलवार को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) व डॉ. कलाम सेंटर की ओर से आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय युवा कानक्लेव में कहीं. इस अवसर पर प्राविधिक शिक्षा मंत्री फरीद महफूज किदवई प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा मोनिका गर्ग भी मौजूद रहीं.

राजनीति में आयें अच्छे लोग

राज्यपाल राम नाईक ने युवाओं को जीवन में सही राह चुनने की सीख दी. उन्होंने कहा कि काबिलियत तो आतंकियों में भी कम नहीं है, लेकिन आज वह समाज के लिए भार बनकर रह गए हैं. उन्होंने कहा कि राजनीति में अच्छे लोग होंने तभी राजनीति अच्छी होगी. लेकिन सभी जानते हैं कि इसमें किस तरह के लोग आ रहे हैं. मैं उन्हें दोष नहीं देना चाहता. इसके अलावा राज्यपाल ने कार्यक्रम के दौरान कारगिल शहीद दिवस के मौके पर उन शहीदों को याद किया जिन्होंने कारगिल में देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों को बलिदान कर दिया.

शुरू होगा स्टार्टअप प्रोग्राम

इस अवसर पर एकेटीयू वीसी प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि अब स्टूडेंट्स की तकनीकी शिक्षा देने के साथ ही छात्रों की तकनीकी ज्ञान देने के साथ ही उनकी नई सोच और स्टार्टअप को आगे बढ़ाने में मदद देगा. इसके लिए यूनिवर्सिटी में एक डॉ. कलाम इनक्यूवेशन एंड इनोवेशन सेंटर की स्थापना की जा रही है. यहां न केवल छात्रों को कुछ अलग सोचने बल्कि स्टार्टअप के लिए वित्तीय मदद भी दी जाएगी. प्रो. पाठक ने बताया कि स्टार्टअप ऐक्सेलरेटर इंडिया साई की लखनऊ चैप्टर इन स्टार्टअप के लिए यूनिवर्सिटी को फाइनेंसियल हेल्प प्रदान करेगा. इसके लिए बकायदा एक प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी. कलाम टेक्नोप्रेन्योरल बिजनेस प्लान चैलेंज में छात्रों के नई आइडिया लिए जाएंगे.

हर साल चुने जाएंगे 50 नए आइडिया

इस अवसर पर साई कंपनी के एमडी आनंद गोविंदालौरी ने बताया कि भारत के युवाओं को एक्सपोजर देने के लिए यह सेंटर स्थापित कर रहे हैं ताकि उन्हें स्टार्टअप में मदद मिल सके. उन्होंने बताया कि हम तीन फील्ड में इंवेस्टमेंट करेंगे. इसमें हेल्थ केयर व डिजिटल हेल्थ केयर, एजुकेशन टेक्नॉलजी एंड बिग डाटा और सोशल आंत्रप्रिन्योरशिप शामिल है. इसके एकेटीयू के छात्रों को हेल्थ केयर छोड़कर बाकी दोनो फील्ड में मौका मिलेगा. यह सेंटर केवल एकेटीयू के स्टूडेंट्स के लिए नहीं होगा बल्कि पूरे लखनऊ से हम बेस्ट आइडियाज के प्रपोजल मांगेंगे. इसमें 20 से 50 साल तक के लोग आवेदन कर सकेंगे. फ्रेश आइडियाज के साथ ही जिन्होंने एक से तीन साल के बीच स्टॉर्टअप शुरू किया है और वह उसको बढ़ाना या नए आइडिए पर काम करना चाहते हैं तो वह भी इसमें आवेदन कर सकते हैं. हर साल 50 नए आइडिया का इसके तहत सिलेक्शन किया जाएगा. उन्होंने बताया कि हम दो भाग में सेंटर खोलेंगे. पहला होगा कलाम स्टार्ट अप टेक्नोप्रियॉनियल बिजनस प्लान सेंटर. इसमें सभी के बिजनस आईडिया को शामिल कर उन्हें सिलेक्ट किया जाएगा. इसके बाद इसमें से जो बेस्ट आइडियाज सेलेक्ट होंगे उसमें फंडिंग के लिए उन्हें स्टार्टअप एक्सिलिरेट इंडिया लखनऊ चैप्टर में भेजा जाएगा. यहां उनकी फंडिंग की जाएगी. उन्होंने बताया कि लखनऊ में यूरीनल सिस्टम बहुत खराब है. ऐसे में हम बॉयो टॉयलेट का प्रपोजल तैयार कर रहे हैं. इससे लखनऊ के सौंदर्यीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा.

इनका किया गया सम्मान

कानक्लेव में सिंगापुर से आए युवा उद्योगपति आनंद गोविदालौरी उदयमिता पुरस्कार से सम्मानित किया गया. अमिताभ शाहा को जुझारू युवा व्यक्तित्व पुरस्कार से नवाजा गया. विवेक पटेश्वरी और अक्षय अग्रवाल को ई-कामर्स के क्षेत्र में कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया. बाला साहब गाडगे को नासा से नौकरी छोड़कर ग्रामीण विकास के लिए काम करने के चलते सम्मानित किया गया. लक्ष्मी साहा और आलोक दीक्षित को स्टाप एसिड अटैक की मुहिम पर कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया.

नहीं होने चाहिए छात्र संघ चुनाव

पूर्व चुनाव आयुक्त डॉ. एसवाई कुरैशी ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव से यूनिवर्सिटी का माहौल बिगड़ता है. युवा सम्मेलन में एक सवाल के जवाब में डॉ. कुरैशी ने कहा कि छात्रसंघ के कारण कैम्पस में गुंडागर्दी और अराजकता का माहौल फैलता है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि चुनावों में नेता करोड़ों रुपए खर्च करके वोट खरीदते हैं. अब करोड़ों खर्च करेंगे तो कमाएंगे भी. ये अब हमे सोचना चाहिए कि ऐसे लोगों को वोट न दें.

हमारे लोकतंत्र की दी जाती मिसाल

डॉ. कुरैशी ने कहा कि अमेरिका में राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ रही हिलेरी क्लिटंन ने हमारी डेमोक्रेसी को गोल्डन स्टैंडर्ड कहा है. ऐसा इसलिए है क्योंकि पिछले आम चुनाव में हमने एक बार में 85 करोड़ लोगों को वोट डलवाया था. हमने साल 2009 से 2014 के चुनाव के लिए 12 करोड़ नए वोटर जोड़े थे. जो विश्व के कई देशों के कुल जनसंख्या से कहीं ज्यादा थे. हमारा इलेक्शन सिस्टम ग्रीन है. इवीएम आने से हमने दो लाख 80 हजार पेड़ों को कटने से बचा लिया हैं.

गालियों चल रहा भक्ति काल: रवीश कुमार

टेक्निकल सेशन में वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने आज देश में धर्म पर जाति डबेट हो रही है, लेकिन किसानों की बदहाली पर कोई नहीं बोलता. यह गालियों का भक्ति काल चल रहा है इसमें नेता एक दूसरे को गालियां दे रहे हैं और सभी मजे से उसे सुन रहे हैं. प्रदेश सरकार पर तंज कसते हुये कहा कि युवाओं को लैपटाप की नहीं, संसाधनों की जरूरत है. पढ़ाई इतनी महंगी हो गई है कि आम आदमी स्कूल में दाखिला नहीं करा पा रहा. सभी सरकारों को हर शहर में प्रदर्शन के लिए जमीन देनी चाहिए ताकि हर कोई अपनी बात रख सके.