lucknow@inext.co.in
LUCKNOW: पीएसी फोर्स के अनुशासन व बहादुरी को देखते हुए लखनऊ के बाद अब नोएडा मेट्रो की सुरक्षा-व्यवस्था की जिम्मेदारी पीएसी के हवाले होगी। इसके लिये 49वीं वाहिनी पीएसी गौतमबुद्धनगर की छह कंपनियों को शांति-व्यवस्था की ड्यूटी से मुक्त कर नोएडा मेट्रो की सुरक्षा में लगाने का आदेश हुआ है। नोएडा मेट्रो के 21 स्टेशनों पर पीएसी के 829 अधिकारी व जवान तैनात होंगे।

अलग से सृजित होंगे पद

लखनऊ व नोएडा मेट्रो की सुरक्षा-व्यवस्था में लगने वाले पीएसी व पुलिसकर्मियों के अलग पद सृजित करने का प्रस्ताव भी गृह विभाग को भेजा गया है। प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने बताया कि मेट्रो के लिए जल्द ही अलग पद सृजित कर दिये जाएंगे। उल्लेखनीय है कि दिल्ली मेट्रो की तर्ज पर नोएडा मेट्रो की सुरक्षा भी सीआइएसएफ के हवाले किये जाने का प्रस्ताव था। माना जा रहा है कि सीआईएसएफ की सुरक्षा में करोड़ों के खर्च के मद्देनजर पीएसी को नोएडा मेट्रो की सुरक्षा में तैनात किये जाने का निर्णय लिया गया है।

दायित्व यूपी पुलिस को सौंपा गया

बताया जा रहा है कि सीआईएसएफ के बजाय पीएसी तैनाती से बचने वाली रकम से पीएसी के आधुनिकीकरण किया जाएगा। डीआईजी लॉ एंड ऑर्डर प्रवीण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि वर्तमान में लखनऊ मेट्रो की सुरक्षा-व्यवस्था पीएसी व पुलिस के हवाले है। कुछ निजी सुरक्षाकर्मियों को भी लगाया गया है। नोएडा मेट्रो व एनसीआर में उसके विस्तार में सुरक्षा-व्यवस्था का दायित्व यूपी पुलिस को सौंपा गया है।

सीआईएसएफ से दिलाई जा रही ट्रेनिंग
नोएडा मेट्रो की सुरक्षा के लिये 49वीं वाहिनी पीएसी गौतमबुद्धनगर के कर्मियों को आधुनिक उपकरणों से लैस किये जाने के साथ ही उनका दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा में लगी सीआईएसएफ से विशेष ट्रेनिंग दिलाई जा रही है। जिससे पीएसी जवान भी मेट्रो की हाईलेवल सिक्योरिटी कर सकें और बड़े से बड़े खतरे से निपट सकें।

जल्द खुलेंगी मेट्रो निर्माण के चलते बंद की गई सड़के

National News inextlive from India News Desk