गर्मियों की छुट्टियों में नहीं ले सकेंगे फीस

सोशल मीडिया पर तेजी से लोग कर रहे शेयर

सीबीएसई व कोर्ट ने जारी नहीं किया ऐसा कोई आदेश

MEERUT। पिछले दो दिन से सोशल मीडिया पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है। मैसेज में कहा गया जा रहा है कि 'हाईकोर्ट का ऑर्डर है कि कोई भी प्राइवेट स्कूल जून-जुलाई महीने की फीस नहीं लेगा'। हाईकोर्ट के ऑर्डर वाले इस मैसेज ने सभी को हैरान कर दिया हैं। पेरेंट्स इसे पढ़कर जहां खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं, वहीं स्कूल संचालक भी सोच में हैं। लेकिन हकीकत यह है कि तेजी से वायरल हो रहा हाईकोर्ट का यह आर्डर सिंध, कराची हाईकोर्ट का है।

यह है वायरल मैसेज

High court order

Cp.no 5812 of 2015

So( G-111))SE 2ख्L/PS/HC/3-859/18

Date 05-03-2018

कोई भी प्राइवेट स्कूल छुट्टियों के दिनों की यानी जून-जुलाई महीने की फीस नहीं ले सकेगा। अगर कोई स्कूल फिर भी फीस लेता है तो उसके खिलाफ कार्यवाही होगी। जिसमें उसकी मान्यता भी रद्द हो सकती हैं। इसके लिए अभिभावक पुलिस में शिकायत भी कर सकते है। अगर किसी ने एडवांस में फीस जमा कर दी है तो वह स्कूल से फीस वापस मांग लें या फिर अगले महीनों में एडजस्ट करा दे। स्कूल फीस ना दे या एडजस्ट ना करे तो पुलिस में शिकायत करे। पुलिस ना सुने तोो CM विंडो पर शिकायत करे। जागो ग्राहक जागो, ये जानकारी शेयर करे। रिश्तेदारों को बताए

यह है सच

2015 में स्कूलों की ओर से फीस वृद्धि और छुट्टियों में फीस लेने के मामले में अब्दुर रहमान, शाहरूख शकील खान, सैय्यद मोइज, इशाक, तहसीन, किरन नदीन आदि ने सिंध, कराची हाईकोर्ट में एक पिटिशन दाखिल की थी। इस पर 7 अक्टूबर, 2016 में पाकिस्तान की कराची हाईकोर्ट के सीजेआई जुल्फिकार अहमद खान ने यह फैसला सुनाया था।

इनका है कहना

यह मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है। सीबीएसई या भारत में किसी भी कोर्ट ने ऐसा आर्डर नहीं दिया हैं। यह मैसेज फेक है।

राहुल केसरवानी, सेक्रेटरी, सहोदय मेरठ

फीस न लेने का कोई आदेश हमारे पास नहीं हैं। यह फेक मैसेज हैं। सीबीएसई की ओर से ऐसा कोई निर्देश हमें नहीं मिला है।

चंद्रलेखा जैन, प्रिंसिपल, सेंट जोंस सीनियर सेकेंडरी स्कूल