इस्लामाबाद (आईएएनएस)। भारत ने गुरुवार को पाकिस्तान में जाने वाली अपने तीन नदियों व्यास, रावि और सतलज के पानी को रोकने का फैसला किया है। भारत के इस फैसला पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान ने कहा है कि अगर भारत इन तीन पूर्वी नदियों के पानी को रोकता है, तो इससे उसे कोई भी परेशानी नहीं होगी। बता दें कि 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद भारत लगातार पाकिस्तान के साथ सख्ती से पेश आ रहा है। इस हमले में सीआरपीएफ के 41 जवान शहीद हो गए और इसकी जिम्मेदारी पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। भारत ने कार्रवाई के रूप में पहले पाकिस्तान को दिए मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा को वापस लिया फिर पाकिस्तान से इंपोर्ट होने वाले सामानों पर 200 पर्सेंट का टैक्स लगा दिया।

सिंधु के पानी को रोकने पर पाकिस्तान को होगी आपत्ति

गुरुवार रात डॉन न्यूज से बात करते हुए पाकिस्तान के जल संसाधन मंत्रालय के सचिव ख्वाजा शुमेल ने कहा, 'अगर भारत पूर्वी नदियों के पानी को रोकता है तो इससे हमें कोई आपत्ति नहीं होगी, यह पानी उसका है, इसलिए वह चाहे जैसे भी इसका इस्तेमाल कर सकता है।' शुमेल ने कहा कि पाकिस्तान ने इंडस वाटर ट्रीटी (आईडब्ल्यूटी) के संदर्भ में भारत के इस फैसले को चिंताजनक रूप में लिया है। उन्होंने कहा, 'लेकिन अगर भारत पश्चिमी नदियों (चिनाब, सिंधु, झेलम) के पानी को रोकता है तो हम आपत्ति जताएंगे, जिस पर समझौते के तहत सिर्फ हमारा अधिकार है।'
    
भारत इस पानी को चाहे जैसे करे इस्तेमाल हमें कोई फर्क नहीं पड़ता
इंडस वाटर्स समझौते को देखने वाले पाकिस्तान के कमिश्नर सैयद मेहर अली शाह ने कहा कि 1960 में इंडस वाटर ट्रीटी के तहत यह समझौता हुआ था कि पूर्वी नदियों के पानी के उपयोग पर भारत का अधिकार है, वह इस पानी का इस्तेमाल अपने लोगों के लिए कर सकता है। उन्होंने कहा, 'भारत अपने नदियों का पानी खुद के लिए इस्तेमाल कर सकता है, वह इस पानी का इस्तेमाल करे या ना करे इससे हम लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ता है।'

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