-पांडेयहाता मार्केट में नहीं हैं नगर निगम की बुनियादी सुविधाएं

-जाम से परेशान रहते हैं व्यापारी, घंटों जाम से प्रभावित होता व्यवसाय

GORAKHPUR: कॉस्मेटिक प्रोडक्ट, कपड़ों की थोक दुकानें, प्लास्टिक प्रोडक्ट, मैट, फाइबर आइटम्स की 400 से अधिक दुकानों वाले पांडेयहाता मार्केट की स्थिति खराब होती जा रही है. जाम यहां की स्थाई समस्या है, लेकिन सार्वजनिक शौचालय, सफाई, पेयजल, यूरिनल की समस्या से भी व्यापारियों को रोजाना दो-चार होना पड़ता है. नार्मल स्टैंड से पांडेयहाता तक की सड़क खराब हो चुकी है. वर्षो पहले दुरुस्त हुई सड़क की बजरी उखड़ चुकी है, जिसके कारण दुर्घटनाएं भी बढ़ रही हैं. बावजूद इसके सड़क के निर्माण को लेकर कोई काम नहीं हो पा रहा है. नालों पर स्थाई अतिक्रमण ने लोगों की परेशानियों को और भी बढ़ा दिया है. स्थानीय लोगों ने बताया कि नालों पर अतिक्रमण के कारण निगम भी सफाई नहीं करवा पाता है. व्यापारियों ने बताया कि सार्वजनिक शौचालय व पेयजल की व्यवस्था नहीं होने से कस्टमर्स को काफी परेशानी होती है.

जाम बिगाड़ देता हर काम

पांडेयहाता मार्केट में बेहद सघन दुकानें हैं, 400 से अधिक दुकान होने के कारण दिनभर सड़कों पर चहल-पहल बनी रहती है. शहर की व्यस्ततम सड़कों में इसकी गिनती की जाती है. मार्केट में रोजाना तीन से चार घंटों तक जाम लगा रहता है. यह हालात तब हैं जबकि यहां पर फोर व्हीलर अलाउ नहीं हैं. जाम लगने के बाद यहां की गलियां तक जाम हो जाती हैं, जिससे पैदल चलने वालों को भी रास्ता नहीं मिलता है. व्यापारियों ने बताया कि जाम की समस्या बढ़ने से एक और दिक्कत आ रही है कि सड़क की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है जिस पर कई लोग घायल हो चुके हैं. अब जाम के दौरान अक्सर दुर्घटनाएं हो जाती हैं.

बरसात में डूब जाती हैं दुकानें

नालों पर अतिक्रमण के कारण बरसात के दिनों में पानी की निकासी नहीं हो पाती है. जिसके कारण कुछ ही देर के अंदर पांडेयहाता मार्केट में घुटनों तक पानी लग जाता है. रास्ते पर गाडि़यों का आवागमन होने के कारण दुकानों के अंदर पानी चला जाता है. स्थानीय पार्षद अशोक यादव ने बताया कि पानी की निकासी और सड़क को दुरुस्त करने के लिए कई बार निगम के अधिकारियों को अवगत कराया गया पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. इस बार भी सड़क के लिए प्रस्ताव दिया था जिसे खारिज कर दिया गया.

कोट्स

मार्केट में सार्वजनिक शौचालय व पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है. सघन आबादी होने के कारण कस्टमर्स को काफी परेशानी होती है.

राजीव कुमार अग्रवाल, बिजनेसमैन

हल्की बारिश में ही पूरा मार्केट डूब जाता है. दुकानों के अंदर तक पानी चला जाता है जिससे लाखों का नुकसान होता है. पानी निकासी की उचित व्यवस्था होनी चाहिए.

- अशोक जायसवाल, बिजनेसमैन

रोजाना सड़क पर जाम लगता रहता है, जिसके कारण व्यवसाय प्रभावित होता है. जाम लगने पर पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है.

- विनोद जायसवाल, बिजनेसमैन

पेयजल की व्यवस्था बेहद जरूरी है. एक ही हैंडपंप है जो बेहद गंदा पानी देता है. कई बार शिकायत के बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है, जिससे व्यापारी परेशान हैं.

- राकेश सिंह, बिजनेसमैन

सफाई की व्यवस्था भी बेहतर नहीं है, मार्केट में डस्टबिन की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए जिसके न होने से गंदगी फैलती है.

- दिनेश जायसवाल, बिजनेसमैन

मार्केट में हजारों की संख्या में लोग आते हैं. लेकिन सार्वजनिक शौचालय व यूरिनल नहीं होने से पब्लिक को काफी समस्या होती है.

- राजेन्द्र जायसवाल, बिजनेसमैन