- सुभाषनगर में रामलीला ग्राउंड से पशुओं को उठाने आए थे तस्कर

- इंजेक्शन लगाकर गाड़ी में भर लिए थे तीन पशु, लोगों के शोर मचाने पर भागे

- लोगों ने गाड़ी में की तोड़फोड़, 12 घंटे बाद पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

BAREILLY: रूरल एरिया में सक्रिय पशु तस्करों ने अब शहर में भी एंट्री कर दी है. फ्राइडे रात सुभाषनगर थाना से महज एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित रामलीला ग्राउंड से तस्करी के लिए गोवंशीय पशुओं को उठाने के मामले का खुलासा हुआ है. लोगों के शोर मचाने पर तस्कर तीन पशुओं से लदी लग्जरी गाड़ी मौके पर छोड़कर भाग निकले. लोगों ने गाड़ी में तोड़फोड़ कर पशुओं को बचाया.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक,सुभाषनगर के रामलीला ग्राउंड में अक्सर आवारा पशु बैठे मिल जाते हैं. देर रात करीब 2.45 बजे ग्राउंड में एक लग्जरी एसयूवी पशुओं के झुंड के पास आकर रुकी. इसमें तीन-चार पशु तस्कर सवार थे. गाड़ी से उतरने के बाद तस्कर पशुओं को बेहोशी का इंजेक्शन लगाकर गाड़ी में ठूंसने लगे. दो पशुओं को बीच वाली सीट में डाल दिया और एक को पीछे की डिग्गी में. उनका इरादा अभी और पशुओं को भरने का था. इसी दौरान किसी ने उन्हें देख लिया और शोर मचा दिया. साथ ही पुलिस को सूचना दे दी. यह देख तस्कर मौके से भाग गए. इसके बाद मौके पर जमा हुई भीड़ ने तस्करों की गाड़ी में तोड़फोड़ कर दी. फिर पुलिस ने पब्लिक की मदद से गोवंशीय पशुओं को बाहर निकाला.

नोएडा के नंबर की थी गाड़ी

नोएडा के नंबर की तस्करों की गाड़ी से थैला, रस्सी, जैकेट और एक गमछा बरामद हुआ है. पुलिस अब गाड़ी के नंबर की मदद से मालिक और तस्करों का पता लगाने में जुट गई है.

लग्जरी गाडि़यों का इस्तेमाल क्यों?

- अक्सर पशु तस्करी में लग्जरी गाडि़यों का इस्तेमाल किया जाता है ताकि पुलिस को शक न हो.

- स्पेश ज्यादा होने से इसमें एक के ऊपर एक कई पशुओं को ठूंस ठूंस कर भर दिया जाता है.

सुभाषनगर पुलिस ने 12 घंटे तक क्यों दबाई खबरर?

रात ढाई बजे मामले का खुलासा होने के बाद सुभाषनगर पुलिस ने अपने सीनियर अफसरों से मामलों की सूचना नहीं दी. सैटरडे शाम को मामले की एफआईआर दर्ज की गई. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मामले की सूचना पुलिस को समय से दे दी गई थी, लेकिन पुलिस देर से पहुंची और तस्कर भाग निकले. कुछ दिन पहले हाफिजगंज में भी तस्करों ने पुलिस टीम की गाड़ी में टक्कर मारकर उन्हें कुचलने की कोशिश की थी. इस मामले को भी दबाने की कोशिश की गई थी.