- यूपी रोडवेज गोरखपुर डिपो पर आने वाले यात्रियों से केवल होती है टैक्स की वसूली, सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं

GORAKHPUR: यात्रियों को बेहतर सुविधा देने का दावा करने वाली यूपी रोडवेज के दावे पूरी तरह से खोखले साबित होते हुए नजर आ रहे हैं. आज तक यूपी रोडवेज गोरखपुर डिपो पर आने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधा देने में नाकाम साबित हुआ है. एसी बसों से सफर करने वाले यात्रियों के लिए न बैठने की कोई व्यवस्था है और ना ही शुद्ध पेयजल की व्यवस्था ही है. जबकि यूपी रोडवेज एसी व नॉन एसी बसों से सफर करने वाले यात्रियों से बीसी (बस स्टेशन चार्ज) के नाम पर लाखों रुपए की वसूली करता है. लेकिन सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं देता है.

प्रतिदिन वसूलते हैं लाखों रुपए बीसी

पिछले पांच सालों से बस स्टेशन के निर्माण कार्य शुरू कराए जाने को लेकर तमाम पत्र व्यवहार से लगाए मीटिंग हुए, लेकिन निर्माण कार्य नहीं शुरू हो सका. आलम यह है कि आज भी बस स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को टपकते हुए छत के नीचे बस का इंतजार करना पड़ता है. इससे ज्यादा तो स्थिति खराब एसी बसों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए है. स्कैनिया, वॉल्वो व जनरथ एसी बसों की टिकट लिए यात्रियों के बैठने के लिए एसी लाउंज तक नहीं है. हाथ में एसी का टिकट लिए बस स्टेशन या फिर सड़क पर घूमते हुए नजर आते हैं. जबकि यूपी रोडवेज गोरखपुर डिपो से करीब 10 लाख रुपए बीसी (बस स्टेशन चार्ज) यात्रियों से वसूला जाता है. जबकि सुविधा कुछ भी नहीं.

किराए में जुड़ा होता है ये टैक्स

बता दें, अगर एक यात्री गोरखपुर से लखनऊ बस से सफर करता है तो उसका किराया 334 रुपए है. इसमें 8 रुपए एसी (एक्सीडेंट चार्ज),बीसी (बस स्टेशन चार्ज) व टीटी (टोल टैक्स) जुड़ा हुआ है. वहीं 18 रुपए टोल प्लाजा का चार्ज अलग से जुड़ा हुआ है. इस तरह 26 रुपए एक यात्री को टैक्स के रूप में यूपी रोडवेज को सीधे अदा करना पड़ता है. यहां बता दें, एसी से मिलने वाला टैक्स यूपी रोडवेज के मुख्यालय के लिए जमा किया जाता है. जबकि बीसी यात्री बस स्टेशन चार्ज संबंधित डिपो के मरम्मत व रखरखाव समेत सुविधा के लिए जमा किया जाता है. वहीं टीटी से मिलने वाली रकम आरटीओ डिपार्टमेंट को भेज दिया जाता है. लेकिन इनमें से बीसी के रकम बस डिपो का न तो मरम्मत किया जाता है और ना ही उस रकम से डिपो प्रबंधन यात्रियों को सुविधा देता है.

फैक्ट फीगर

गोरखपुर रीजन के अंतर्गत आने वाले डिपो

गोरखपुर डिपो, राप्तीनगर डिपो, देवरिया डिपो, पडरौना डिपो, निचलौल डिपो, बस्ती डिपो, सिद्धार्थनगर डिपो, सोनौली डिपो

फैक्ट फीगर

यूपी रोडवेज निगम की बस

400

अनुबंधित

248

एसी निगम

30

गोरखपुर डिपो पर आने वाली बसों की संख्या - 1150

गोरखपुर डिपो पर आने वाले यात्रियों की संख्या - 46,000

कुछ इस तरह से होती यात्रियों से वसूली

बेसिक किराया

बीसी (बस स्टेशन चार्ज)

एसी (एक्सीडेंटल चार्ज)

टीटी (टोल टैक्स चार्ज)

कोट्स ..

यूपी रोडवेज यात्रियों से टिकट में बस स्टेशन चार्ज के नाम पर वसूली करता है, लेकिन बस स्टेशन पर बैठने तक की व्यवस्था नहीं है. एसी बस यात्रियों को सबसे ज्यादा दिक्कत है.

अभिषेक, पैसेंजर

ए वन ग्रेड बस स्टेशन है. एसी बसें भी काफी संख्या में चलती हैं, लेकिन यात्रियों के बैठने के लिए कोई व्यवस्था तक नहीं है. आखिरकार यह समस्या कब तक बनी रहेगी.

आशिष, पैसेंजर

कई बार एआरएम से यात्रियों की सुविधा के लिए डिमांड किया जा चुका है, लेकिन कोई जवाब ही नहीं देता. एसी बस से अक्सर लखनऊ जाना होता है, लेकिन स्टेशन पर न बैठने की कोई व्यवस्था है और ना ही पीने के लिए पानी.

ज्योती, पैसेंजर

वर्जन..

यात्रियों की सुविधा देने का पूरा प्रयास रहता है. लेकिन बस स्टेशन चार्ज के मद में लिए गए रकम के खर्च के लिए मुख्यालय से निर्देश प्राप्त होने के बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाती है.

डीवी सिंह, आरएम