- अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना का लाभ लेने वाले मरीजों से लिया जाएगा फीडबैक

- इलाज और व्यवहार से तय होगी हॉस्पिटल की रेटिंग

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DEHRADUN: अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना में शामिल हॉस्पिटल्स को मरीजों को सही इलाज के साथ उनके साथ सही व्यवहार भी करना होगा. अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना का लाभ लेने वाले मरीजों से स्वास्थ्य विभाग फीडबैक लेगा. जिसके आधार पर हॉस्पिटल्स की रेटिंग भी तय होगी. इतना ही नहीं अगर किसी हॉस्पिटल ने मरीज के साथ गलत व्यवहार किया तो स्वास्थ्य विभाग अपनी गाइडलाइन के आधार पर कार्रवाई भी करेगा.

कॉल सेंटर 104 की जिम्मेदारी तय

अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना का हर मरीज को उचित लाभ मिले, साथ ही योजना का धरातल पर पॉजिटिव इफेक्ट भी नजर आए. इसके लिए राज्य सरकार ने गाइडलाइन जारी कर हॉस्पिटल्स पर नकेल भी कसनी शुरू कर दी है. योजना में इलाज करवाने वाले मरीजों से विभाग फीडबैक भी लेगा. इस फीडबैक से हॉस्पिटल की रेटिंग तय की जाएगी. फीडबैक में हॉस्पिटल का इलाज का तरीका, मरीज के स्वास्थ्य पर असर, दवाइयां, जांच आदि सभी बिंदुओं की जानकारी ली जाएगी. इसके साथ ही हॉस्पिटल के स्टॉफ द्वारा मरीजों के साथ किए गए व्यवहार की भी जानकारी ली जाएगी. हर मरीज से अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के लिए बनाए गए कॉल सेंटर 104 के माध्यम से फीडबैक लिया जाएगा. इससे जहां हॉस्पिटल किसी मरीज के साथ फर्जीवाड़ा नहीं कर पाएगा, वहीं हॉस्पिटल के साथ भविष्य में होने वाले एमओयू पर भी असर पड़ेगा.

1350 गंभीर बीमारियों का होना है इलाज

25 दिसंबर 2018 से उत्तराखंड सरकार द्वारा प्रदेश के 23 लाख परिवारों को प्रति वर्ष प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज देने के लिए अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना शुरू की. इस योजना में शुरुआत में 99 सरकारी व 66 प्राइवेट हॉस्पिटल्स को शामिल किया गया. इसके बाद दून में मैक्स हॉस्पिटल को भी जोड़ा गया है. इन हॉस्पिटल्स के माध्यम से 1350 गंभीर बीमारियों का इलाज मुफ्त में किया जा रहा है. इसके लिए इन सभी हॉस्पिटल्स के साथ एमओयू भी किया जा चुका है. जिसमें हॉस्पिटल में उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर इलाज का पैकेज सिस्टम बनाया गया है. अब इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है. इसमें पहले हर मरीज को अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना का गोल्डन कार्ड बनवाना है. इसके बाद जो भी हॉस्पिटल्स इस योजना में सूचीबद्ध किए गए हैं. उनमें वहां मौजूद पैकेज के हिसाब से इलाज करवा सकते हैं. जैसे ही इलाज शुरू होगा, हॉस्पिटल प्रबंधन द्वारा मरीज की बायोमैट्रिक डिटेल लेकर ऑनलाइन डाटा अपलोड किया जाएगा. इसके बाद इलाज पूरा होने के बाद सभी डॉक्यूमेंट ऑनलाइन भेजे जाएंगे, जिन्हें चेक कर 15 दिनों में भुगतान कर दिया जाएगा. इधर, योजना के लिए बनाए गए हेल्प लाइन टोल फ्री नम्बर 104 के माध्यम से इलाज करवाने वाले मरीज से पूरा फीडबैक लिया जाएगा. साथ ही हॉस्पिटल के इलाज के दौरान किए गए व्यवहार का फीडबैक भी लिया जाएगा.

जिस भी मरीज का इलाज अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के अंर्तगत होगा. हर मरीज से इलाज के बाद फीडबैक लिया जाएगा. जिसके आधार पर हर हॉस्पिटल्स की रेटिंग तय की जाएगी. अगर किसी हॉस्पिटल के व्यवहार या अन्य किसी असुविधा की कम्पलेन आई तो विभाग अपने स्तर से कार्रवाई भी करेगा.

युगल किशोर पंत, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना

- 18 दिनों में 2 लाख 52 हजार 833 गोल्डन कार्ड बने

- 25 दिसंबर 2018 को अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना का शुभारंभ

- प्रदेश के 23 लाख परिवारों को प्रति वर्ष प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज

- 99 सरकारी व 66 प्राइवेट हॉस्पिटल्स में 1350 गंभीर बीमारियों का इलाज

- योजना के लिए 104 हेल्पलाइन नम्बर