दैनिक जागरण आई नेक्स्ट एक्सक्लूसिव

-हैलट हॉस्पिटल में कई बड़ी कंपनियों की दवाओं के अलावा अनजान कंपनियों से भी हुई खरीददारी

-दवाओं की गुणवत्ता और पोटेंसी पर उठे सवाल, कई मरीजों की भी शिकायत, ड्रग विभाग ने लिए सैंपल

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KANPUR: एलएलआर हॉस्पिटल हैलट में दवा न मिलने की शिकायत आम रहती है. लेकिन, बीते कुछ समय से दवाओं को लेकर नई शिकायत है. यहां के मरीजों को घटिया क्वालिटी की दवाएं दी जा रही हैं. जी हां, दवाओं की गुणवत्ता को लेकर पिछले कई दिनों से पेशेंट्स की शिकायतें सीनियर ऑफिसर्स तक पहुंच रही हैं. ये हाल तब है जब दवाओं की किल्लत को दूर करने के लिए शासन ने इस बार पर्याप्त बजट दिया है. दवाएं भी खूब आई हैं. लेकिन ओपीडी में दी जा रही कई दवाओं की गुणवत्ता पर कई मरीजों ने सवाल उठाते हुए शिकायत की है. वहीं कुछ डॉक्टर्स खुद भी दवाओं की क्वालिटी को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं. क्योंकि वह मरीजों में ठीक से असर नहीं कर रही हैं. जिन दवाओं की गुणवत्ता पर सवाल हैं उनमें से कई दवाएं अनजान दवा कंपनियां सप्लाई कर रही है.

36 तरह की दवाओं का वितरण

अभी हैलट अस्पताल की ओपीडी में मरीजों को मुफ्त दवा उपलब्ध कराने के लिए चार दवा काउंटर हैं. इनमें एक न्यूरोलॉजी ओपीडी के लिए, एक चर्म व मानसिक रोग ओपीडी के लिए, एक बालरोग की ओपीडी के लिए और एक जनरल दवा काउंटर है. अभी इन काउंटर्स से 36 तरह की दवाओं का वितरण किया जाता है. जिसमें टैबलेट, कैप्सूल, सीरप, ट्यूब, आईड्रॉप, नेजल ड्रॉप शामिल हैं. जो दवाएं दी जाती हैं, उसमें एंटीबायोटिक एंटासिड, कार्डियक व वैस्कुलर ड्रग्स, एंटी डायबिटीज, एंटी एपिलेप्टिक्स ड्रग, एनाल्जेसिक, एंटी इनफ्लेमेटरी ड्रग समेत कई तरह की दवाएं शामिल होती हैं.

दवा के प्रति रजिस्टेंस बढ़ा

कुछ दिनों पहले ही मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने कुछ दवाओं के प्रति बैक्टीरियल रजिस्टेंस की जांच की. जिसमें खास तौर से कई एंटीबायोटिक दवाओं को लेकर बैक्टीरिया के रजिस्टेंस होने की पुष्टि हुई. जिससे साफ हो गया कि कई एंटीबायोटिक दवाएं मरीजों पर बेअसर भी हो रही हैं.

बीमारी पर दवा बेअसर..

दरअसल कुछ समय पहले ही हैलट में कई दवाएं कुछ छोटी दवा कंपनियों ने सप्लाई की. इसमें से डाइजीन टैबलेट, वेज्लीबाई.3, सिप्रोजैक, जाइल एमपीएस, डाईक्लोफेनिक जैल शामिल हैं. इनकी गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें हैलट प्रशासन को मिल रही हैं. जिसके बाद हैलट प्रशासन ने खुद ड्रग विभाग को इनकी जांच कराने के लिए पत्र लिखा था. मालूम हो कि एलएलआर हॉस्पिटल में पहले भी घटिया दवाओं की सप्लाई के मामले सामने आ चुके हैं. कुछ समय पहले ही दवा सप्लाई करने वाली कंपनी जीई को ब्लैक लिस्ट भी किया गया था. दवाओं की क्वालिटी को लेकर उठ रहे सवालों के बीच ड्रग विभाग की टीम ने एक दर्जन दवाओं के सैंपल जांच के लिए कलेक्ट कर किए हैं.

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वर्जन-

दवाओं की सप्लाई नियमानुसार ही होती है. जो कंपनी सबसे कम प्राइज कोट करती है, उसे ही टेंडर दिया जाता है. दवाओं की गुणवत्ता सही रहे इसके लिए इनकी समय समय पर सैंपलिंग करा जांच की जाती है.

- डॉ. आरके मौर्या, एसआईसी, एलएलआर हॉस्पिटल

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