क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ: राजधानी में डेंगू-चिकनगुनिया के मरीज बढ़ते जा रहे हैं और हेल्थ डिपार्टमेंट ने कैंप लगाना कम कर दिया है. आज स्थिति यह है कि राजधानी में एक महीने के अंदर चिकनगुनिया के मरीजों की संख्या 519 हो गई है, जबकि डेंगू के 77 मरीज मिल चुके हैं. ऐसे में कैंप नहीं लगाए जाने से नए इलाकों में मरीजों की पहचान करना मुश्किल हो रहा है. बताते चलें कि शुरुआत में हेल्थ डिपार्टमेंट 15 कैंप लगा रहा था जो घटकर दो पर पहुंच गया है. ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या महामारी फैलने के बाद हेल्थ डिपार्टमेंट ज्यादा से ज्यादा कैंप लगाएगा?

एक हफ्ते में 15 कैंप लगे

डेंगू-चिकनगुनिया के मरीजों के मिलने के बाद इमरजेंसी जैसी स्थिति हो गई थी. उस समय हेल्थ डिपार्टमेंट ने लगातार एक हफ्ते तक शहर के संभावित इलाकों में 15 कैंप लगाकर मरीजों की जांच की. वहीं जांच के बाद मरीजों का सैंपल कलेक्ट कर टेस्ट के लिए भी भेज दिया गया. जहां रिपोर्ट में मरीजों के डेंगू-चिकनगुनिया से ग्रसित होने की भी पुष्टि हुई. लेकिन एक हफ्ते के बाद ही कैंप 15 जगहों की बजाय दो जगह तक ही सीमित कर दिया गया है.

वर्जन

हमलोगों ने रेगुलर कैंप लगाया और सस्पेक्टेड मरीजों का सैंपल भी कलेक्ट किया. इसके बाद हमने पार्षदों से अपील की थी कि वे अपने वार्ड में कैंप लगाने की जानकारी दें. लेकिन हमें किसी ने संपर्क नहीं किया. फिलहाल जो संभावित क्षेत्र हैं वहां हम दो कैंप लगा रहे हैं. हमारे पास इतने डॉक्टर भी नहीं हैं जो हर इलाके में कैंप लगाया जा सके.

डॉ. वीबी प्रसाद, सिविल सर्जन, रांची