क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : सिटी में डेंगू-चिकनगुनिया का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. कमोबेश हर दिन नए-नए इलाकों में इन दोनों बीमारियों के संभावित मरीज मिल रहे हैं. हिंदपीढ़ी के बाद चुटिया व कोकर और अब थड़पखना व हरमू में भी चिकनगुनिया का डंक फैल रहा है. ऐसे में इन इलाकों में रहने वाले लोगों में इस बीमारी को लेकर भय व्याप्त है, लेकिन स्वास्थ्य महकमा और नगर निगम इन बीमारियों के रोकथाम को लेकर बहुत गंभीर दिखाई नहीं दे रही है. खास बात है कि शुरूआत में जिस तरह से हिंदपीढ़ी इलाके में कैंप लगाकर व अभियान चलाकर डेंगू-चिकनगुनिया के मरीजों का इलाज किया गया था वल अब धीमी पड़ चली है. ऐसे में अगर पूरी सिटी में डेंगू-चिकनगुनिया अपने पैर पसार ले, इससे इन्कार नहीं किया जा सकता है.

रिम्स में एडमिट हैं दर्जनों मरीज

रिम्स के आइसोलेशन वार्ड में डेंगू और चिकनगुनिया के मरीजों का इलाज हो रहा है. फिलहाल वार्ड में एक दर्जन मरीज इलाज करा रहे है. लगातार मरीजों के आने से नर्स और स्टाफ्स की भी परेशानी बढ़ी हुई है. इलाज कराकर जबतक मरीज जा रहे तो दूसरे मरीज भर्ती हो रहे है. रिम्स में लगातार मरीजों का आना यह बता रहा है कि अभी डेंगू-चिकनगुनिया का कहर थमा नहीं है.

फॉगिंग की गाडि़यां खराब, छिड़काव बंद

नगर निगम की ओर से मच्छरों से निपटने के लिए फॉगिंग का रोस्टर तो तैयार कर दिया गया, लेकिन रेगुलर फॉगिंग नहीं होने से मच्छर तेजी से बढ़ रहे है. वहीं स्प्रे नहीं होने के के कारण मच्छरों का लार्वा भी तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में लोगों को समझ नहीं आ रहा कि वे मच्छरों से बचने के लिए क्या करें.

एक महीने में चिकनगुनिया के 518 मरीज

डेंगू-चिकनगुनिया के मरीज सबसे पहले हिंदपीढ़ी इलाके में मिले थे. इसके बाद लगातार मरीजों की संख्या बढ़ती गई. पिछले एक महीने में चिकनगुनिया के मरीजों की संख्या 518 तक पहुंच चुकी है. वहीं 46 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है. इसके बावजूद हेल्थ डिपार्टमेंट की ओर से मरीजों के इलाज के लिए रेगुलर कैंप नहीं लगाया जा रहा है. अब एक-दो कैंप लगाकर केवल खानापूर्ति की जा रही है. इस वजह से इस बीमारी से पीडि़त मरीजों की बढ़ती जा रही है. नए इलाकों में भी मरीजों के मिलने का सिलसिला जारी है.