-हॉस्पिटल प्रशासन ने भेजा प्रस्ताव, अभी केवल एएमए में है सुविधा

-मरीजों के बेहतर इलाज के लिए लंबे समय से चल रही है मांग

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ALLAHABAD: सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो बेली हॉस्पिटल में मरीजों को रिएक्शन फ्री ब्लड मिलेगा. हॉस्पिटल प्रशासन की ओर से सेपरेशन मशीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है. फिलहाल शहर में केवल इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के ब्लड बैंक के पास यह सुविधा है. बता दें कि इस ब्लड को मरीज को चढ़ाने के बाद रिएक्शन की संभावना काफी कम रह जाती है.

अलग हो जाएगा डब्ल्यूबीसी

फिलहाल सरकारी ब्लड बैंकों में एक यूनिट ब्लड से प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और पीआरबीसी ही अलग की जा रही हैं. जबकि एएमए ब्लड बैंक में डब्ल्यूबीसी यानी ल्यूको साइट्स को भी निकाला जा रहा है. इससे यह ब्लड ल्यूको पुवर हो जाता है और मरीज के दृष्टिकोण से सेफ होता है. लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही यह सुविधा बेली हॉस्पिटल में भी शुरू हो जाएगी. इससे मरीजों को इलाज में राहत मिल सकेगी.

इसलिए प्रिफर करते हैं हॉस्पिटल

प्राइवेट हॉस्पिटल्स द्वारा एएमए ब्लड बैंक को प्रिफर करने का बड़ा कारण यह भी है. वह नहीं चाहते कि मरीज को ब्लड चढ़ाने के बाद किसी प्रकार का रिएक्शन सामने आए. ब्लड ट्रांसफ्यूजन के बाद मरीज के शरीर में लाल चकत्ते पड़ने की शिकायत मिलती है. इसके अलावा अन्य लक्षण भी सामने आ सकते हैं. यही कारण है कि एएमए के ब्लड को मान्यता दी जाती है.

फिर भी नहीं बढ़ेगा दाम

सुविधा चालू होने के बाद भी ब्लड के दाम नहीं बढ़ेंगे. बताया जाता है कि 1200 रुपए प्रति यूनिट की दर से मरीजों से पैसे लिए जाते हैं. सेपरेशन मशीन के बाद भी इसी कीमत में ब्लड मुहैया कराया जाएगा. वर्तमान में लखनऊ एसजीपीजीआई में ल्यूको पुवर ब्लड उपलब्ध कराया जा रहा है. जबकि इसकी मांग सरकारी हॉस्पिटल्स में लंबे समय से की जा रही है.

वर्जन..

मुझे इसकी जानकारी मिली है कि प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है. अगर शासन अनुमति देगा तो मरीजों बेहतर इलाज मुहैया कराया जा सकेगा.

-डॉ. नीता साहू, इंचार्ज, बेली हॉस्पिटल ब्लड बैंक

मैं ये तो नहीं कहता कि ल्यूको पुवर ब्लड से रिएक्शन बिल्कुल नहीं होता लेकिन मरीज में इसकी संभावना काफी कम रह जाती है. इसमें डब्ल्यूबीसी को ब्लड से निकाल दिया जाता है.

-डॉ. अशोक अग्रवाल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, आइएमए