- मिलता 3 अरब रुपया तो होता बड़ा काम

- वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए 1895.42 करोड़ की मिली थी स्वीकृति

- महिलाओं के लिए 40 प्रतिशत अधिक सृजित हुए रोजगार दिवस

PATNA : वित्तीय वर्ष ख्0क्म्-क्7 में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना(मनरेगा) के स्वीकृत धन का बड़ा हिस्सा बिहार सरकार को नहीं मिला है. केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने क्89भ्.ब्ख् करोड़ की राशि निर्धारित की थी, लेकिन इसमें से क्भ्म्9.भ्फ् करोड़ ही मिल पाए. राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि बिहार के फ् अरब ख्भ् करोड़ रुपए का हक मारा गया है.

राज्य ग्रामीण विकास मंत्री का सवाल

- केंद्र से कम राशि मिलने के बावजूद निर्धारित रकम से अधिक खर्च किया गया

- वित्तीय वर्ष ख्0क्म्-क्7 में भ्.7ख् करोड़ मानव दिवस सृजित किए गए और कुल क्9फ्म्.8ख् करोड़ खर्च किए गए.

- इसमें क्ख्ब्क्.म्9 करोड़ रुपए मजदूरी मद में खर्च हुए हैं

- निजी जमीन पर मनरेगा से काम कराने के प्रावधान के बाद वृक्षारोपण, खेत-पोखर, कुक्कुट आश्रय एवं बकरी शेड बड़ी संख्या में बने हैं