-टॉप-10 परीक्षार्थियों का फिजिकल वेरिफिकेशन पूरा हुआ, सिमुलतला के ही अधिसंख्य परीक्षार्थी

-बोर्ड कर्मियों ने वेरिफिकेशन के लिए बुलाए गए टॉपरों को स्टेशन से को किया रिसीव

PATNA : बिहार बोर्ड इंटर के फर्जी आ‌र्ट्स टॉपर गणेश कुमार उर्फ गणेश राम प्रकरण के बाद मैट्रिक के रिजल्ट में जोखिम नहीं उठाना चाहता. मैट्रिक के टॉप-क्0 की सूची में शामिल सभी परीक्षार्थियों का फिजिकल वेरिफिकेशन सोमवार को पूरा हो गया. बोर्ड सूत्रों के अनुसार टॉपरों में इस बार भी सिमुलतला आवासीय विद्यालय के अधिकतर छात्र हैं.

रविवार को सात परीक्षार्थियों का फिजिकल वेरिफिकेशन किया गया था. सोमवार की देर शाम तक सभी की जांच का काम पूरा कर लिया गया. गोपनीयता के मद्देनजर स्टेशन पर ही परीक्षार्थियों को रिसीव किया गया. कुछ परीक्षार्थी सड़क मार्ग से राजधानी पहुंचे. इनसे बोर्ड कर्मी लगातार संपर्क में रहे. तय स्थान पर उन्हें रिसीव किया गया. परीक्षार्थियों को बोर्ड द्वारा यात्रा भत्ता भी उपलब्ध कराया गया है.

टीम में तीन विवि प्रोफेसर :

बोर्ड ने परीक्षार्थियों के फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए पटना, मगध और आरा विश्वविद्यालयों के वर्तमान और पूर्व विभागाध्यक्षों की टीम बनाई थी. सूत्रों के अनुसार परीक्षार्थियों से विषय ज्ञान के साथ-साथ शैक्षणिक पृष्ठभूमि की भी जानकारी ली गई.

स्कूलों को नहीं दी गई जानकारी :

टॉप-क्0 में संभावित परीक्षार्थियों के स्कूलों के प्राचार्य या प्रबंधन को इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई है. रजिस्ट्रेशन और फॉर्म भरने के दौरान दिए गए मोबाइल नंबर से परीक्षार्थियों से संपर्क किया गया. इसकी पुष्टि सिमुलतला आवासीय विद्यालय के शिक्षकों ने भी की है. शिक्षकों ने बताया कि बोर्ड से फोन आने की जानकारी कई विद्यार्थियों ने दी है. पिछले कुछ सालों से टॉप-क्0 में अधिसंख्य परीक्षार्थी सिमुलतला विद्यालय के ही रहे हैं. अपने बच्चों के साथ पटना जंक्शन पहुंचे अभिभावकों ने कहा कि रिजल्ट जारी हो जाने तक वे मीडिया से बात नहीं करेंगे. बोर्ड ने हिदायत दी है.