PATNA : शादी के बाद वैवाहिक जीवन में काफी उथल-पुथल मच गया था. मां बाप के साथ पत्नी की झंझट के बाद भी पत्नी आयुषी को बहुत प्यार करते थे. कलह की इस यात्रा ने उन्हें सुसाइड सात्रा पर दिल्ली जाने को मजबूर कर दिया. ये दर्द बक्सर के डीएम व बिहार कैडर के ख्0क्ख् बैच के आइएएस मुकेश कुमार पांडेय का है. सुसाइड के पहले उन्होंने बक्सर के सर्किट हाउस से एक वीडियो तैयार किया था जिसे देखकर किसी की भी आंखें नम हो जाएंगी. वह परिवार में कलह के बाद भी हर सदस्य को बहुत प्यार करते थे. दैनिक जागरण आई नेक्स्ट आपको बताने जा रहा है कि एक आइएएस अफसर ने सुसाइड का रास्ता क्यों चुना? बक्सर के पूर्व डीएम की मौत से दिल्ली से लेकर छपरा तक आंसू के सैलाब बहे. बिहार के छपरा जिले में उनका पैतृक गांव है और बक्सर में तैनात मुकेश ने गुवाहाटी, असम से पढ़ाई की थी. उन्होंने दिल्ली-गाजियाबाद में जाकर आत्महत्या कर ली.

मुकेश ने नहीं खाया खाना

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मुकेश का पेट खाली मिला. इससे आशंका है कि वह कई दिनों से खाना नहीं खाए थे. शरीर पर 8 जगह गंभीर चोट और कई साधारण चोट मिली है.

शुक्रवार दोपहर बाद पोस्टमार्टम किया गया. उनके परिजनों के दोपहर बाद गाजियाबाद पहुंचने के कारण पंचनामे की कार्रवाई पूरी होने में देर हुई. प्रशासन द्वारा उपल?ध कराई गई एसी एंबुलेंस से परिजन शव लेकर बिहार भवन चले गए.

डीएम ने वीडियो में कही अंतकथा

डीएम ने वीडियो में कही अंतकथा

=मैं बक्सर के सर्किट हाउस में वीडियो को रिकार्ड कर रहा हूं. मैने डिसीजन लिया है कि दिल्ली जाकर जीवन का अंत कर लूंगा. क्योंकि मै अपने जीवन से खुश नहीं हूं.

=मेरी वाइफ और मेरे माता-पिता के बीच बहुत तना-तनी है और हमेशा दोनों एक-दूसरे से उलझते रहते हैं.

=इससे मेरा जीना दुश्वार हो गया है. दोनों की गलती नहीं है.

=दोनों मुझसे अत्याधिक प्रेम करते हैं मगर अति किसी चीज की कभी-कभी आदमी को मजबूर कर देती है, वह बहुत कठोर कदम उठाने पर मजबूर हो जाता है.

=मेरी पत्‍‌नी मुझे बहुत प्यार करती है मुझे मालूम है. मेरी एक छोटी बच्ची भी है, पर अब मेरे पास कोई आप्शन नहीं है.

=हमेशा हम लोग किसी न किसी बात पर झगड़ते रहते हैं.

=हम दोनों की पर्सनालिटी बिल्कुल ही अलग है. चॉक एंड चीज हैं हम लोग. वह अग्रेसिव है मैं शांत स्वभाव का हूं, किसी भी चीज में हमारा मेल नहीं खाता है.

=फिर भी एक-दूसरे से बहुत प्यार करते हैं. मैं सुसाइड करने जा रहा हूं. किसी को जिम्मेदार नहीं मानता हूं,

=मैं खुद जिम्मेदार हूं. मेरी जो पर्सनालिटी है मैंने जो बचपन से जाना है समझा है. मेरा ज्ञान क्षमता मेरे काम नहीं आई.

=इस कारण मैं सुसाइड कर रहा हूं. इसके लिए न कोई दबाव है और न कोई ऐसा काम जिसके लिए ये करना पडे़.

किसी भी परिजन की तरफ से अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है. डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया है. पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराई गई है. शव को दिल्ली भेजने के लिए एसी एंबुलेंस की व्यवस्था प्रशासन द्वारा कराई गई.

मिनिस्ती एस, जिलाधिकारी, गाजियाबाद