- अधिवक्ता ने कहा गवाही के दौरान भय अथवा दबाव की कोई शिकायत नहीं मिली

PATNA/ BIHARSHARIFF : जिला न्यायालय के पॉक्सो स्पेशल एडीजे प्रथम शशिभूषण प्रसाद के कोर्ट में चर्चित नाबालिग रेपकांड के आरोपी राजबल्लभ ने जमानत अर्जी दाखिल की है. आरोपित पक्ष से अधिवक्ता कमलेश कुमार ने कोर्ट में जमानत अर्जी दी. ज्ञात हो इस मामले में हाईकोर्ट ने पिता के श्राद्धक्रम में भाग लेने के लिए 19 अगस्त से 4 सितम्बर 16 तक अंतरिम जमानत दी थी. जबकि 5 सितम्बर से पुन: न्यायिक हिरासत में रहे. पुन: 30 सितम्बर को जमानत की अर्जी सुनते हुए तत्कालीन चीफ जस्टिस अहमद अंसारी ने जमानत स्वीकृत की गई थी. जिसके उपरांत दो अक्टूबर 16 को राजबल्लभ जेल से बाहर आये थे. परन्तु राज्य ने सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट आदेश को चुनौती उस बिन्दु पर दी थी कि इससे गवाहों में भय व्याप्त होगा और इस मामले में सुनवाई के लिए भयमुक्त वातावरण आवश्यक है. इस आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने जमानत खारिज कर दी थी और कहा था कि जब तक साक्ष्य समाप्त न हो जाए. तब तक आरोपी को न्यायिक हिरासत में रखा जाए. शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने दो सप्ताह के लिए जमानत आदेश को रद्द की थी. पुन: इसकी अवधि बढ़ा दी गई थी. अधिवक्ता कमलेश कुमार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को आधार बनाते हुए जमानत अर्जी दाखिल की है. जिसमें मुख्यत: इस बिन्दु को आधार बनाया गया है कि साक्ष्य समाप्त हो चुका है. जबकि गवाही 19 अप्रैल 17 को ही समाप्त हो चुकी थी और अब तक किसी भी गवाह में कोई भय और दबाव की शिकायत नहीं की है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पूर्णत: पालन हुआ है. अत: आरोपी कोर्ट के समक्ष जमानत अर्जी स्वीकृत करने की प्रार्थना करता है.

रीतलाल यादव की जमानत खारिज

PATNA : बाहुबली नेता एवं विधान पार्षद रीतलाल यादव को रंगदारी मांगने के आरोप में पटना हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली. न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा ने रीतलाल की याचिका खारिज कर दी. जेल में बंद पार्षद रीतलाल यादव पर एक ठेकेदार से 80 लाख रुपये रंगदारी मांगने का आरोप है. इस संबंध में पिछले साल एक अप्रैल को रेलवे के एक ठेकेदार कमल शेट्ठी ने आरोप लगाया था कि जेल में बंद रहते हुए अभियुक्त ने उनसे 80 लाख रुपये रंगदारी मांगी थी. उनसे कहा गया था कि यहां ठेके पर काम करने वाले हर ठेकेदार को राशि देनी पड़ती है. इस लिए जब तक 80 लाख रुपये नहीं पहुंचा दिए जाते काम नहीं होने दिया जायेगा. हालांकि घटना के समय निर्दलीय पार्षद रीतलाल जेल में बंद थे.