- नेता जी सुभाष इंस्टीच्यूट के इंजीनिय¨रग के छात्रों को कोर्ट ने दी राहत

- इंजीनिय¨रग कॉलेज को अब नहीं लौटाना होगा सवा करोड़

PATNA : पटना हाईकोर्ट ने एकल पीठ के एक फैसले को पलटते हुए बिहटा स्थित नेता जी सुभाष इंस्टीच्यूट के इंजीनिय¨रग के छात्रों को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने छात्रों का रिजल्ट फ् सप्ताह में प्रकाशित करने का आदेश दिया. एकल पीठ ने परीक्षा में शामिल छात्रों के रिजल्ट के प्रकाशन पर रोक लगाते हुए नामांकन राशि के साथ साथ छात्रों को भ्0-भ्0 हजार रुपये लौटाने का आदेश दिया था. इस हिसाब से इस संस्थान को करीब क् करोड़ ख्भ् लाख रुपया लौटाना पड़ता. इस मामले पर मुख्य न्यायाधीश राजेन्द्र मेनन एवं न्यायाधीश अनिल कुमार उपाध्याय की खंडपीठ ने एकल पीठ के आदेश पर रोक लगाते हुए सत्र ख्0क्म्-क्7 की परीक्षा में शामिल हुए छात्रों का रिजल्ट प्रकाशित करने का निर्देश दिया. साथ ही उनकीं पढ़ाई जारी रखने का भी आदेश दिया.

गौरतलब है कि इस फैसले के बाद प्राइवेट इंजीनिय¨रग कालेज के करीब एक हजार छात्रों को बड़ी राहत मिली है. प्रदेश स्थित क्7 प्राइवेट इंजीनिय¨रग कालेज में करीब क्000 छात्रों ने नामांकन लिया था. इनका नामांकन क्ख्वीं की परीक्षा में मिले अंक के आधार पर हुआ था. एकल पीठ का कहना था कि संयुक्त प्रतियोगिता प्रवेश परीक्षा की मेरिट के आधार पर छात्रों का नामांकन लिया जाना चाहिए था. लेकिन ऐसा नहीं किया गया. याचिकाकर्ता की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता एम.एल. वर्मा एवं अभय शंकर सिंह ने खंडपीठ को जानकारी दी थी कि 80 फीसद सीट खाली रह जाने के बाद अंक के आधार पर इन संस्थानों में नामांकन लिया गया था. ऐसा ही झारखंड और राजस्थान के प्राईवेट कॉलेजों में भी हुआ था. यदि उन्हें नामांकन से वंचित कर दिया गया तो छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो जायेगा. अदालत ने याचिका को स्वीकार करते हुए बड़ी राहत प्रदान कर दी.