-बड़ा सवाल: आखिर किसके दबाव में आकर नगर निगम खुद का करने वाला है सबसे बड़ा नुकसान?

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PATNA: पटना में अब तक का सबसे बड़ा जमीन का खेल होने वाला है. शहर के पॉश इलाके कंकड़बाग, राजेंद्रनगर और कृष्णापुरी में नगर निगम की 250 एकड़ डेवलप लैंड को कौडि़यों के भाव में बेचे जाने की तैयारी हो चुकी है. इस जमीन का वर्तमान समय में सरकारी वैल्यु 6200 करोड़ रुपए है, लेकिन निगम मात्र 500 करोड़ रुपए में ही इस जमीन का सौदा करने जा रहा है. हालांकि, दैनिक जागरण आई नेक्स्ट के इन्वेस्टिगेशन में यह बात सामने आई है कि नगर निगम यह नुकसान सहना नहीं चाहता था, लेकिन नगर विकास विभाग के दबाव में आकर 25 करोड़ रुपए प्रति एकड़ की जमीन को महज 25 लाख रुपए प्रति एकड़ में देने जा रहा है.

लीज पर दी गई थी जमीन

आज से करीब 6 दशक पहले पटना को विकसित करने के लिए सरकार ने कंकड़बाग, राजेंद्रनगर और कृष्णापुरी में 400 एकड़ जमीन को पटना रीजनल डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीआरडीए) को दिया था. पीआरडीए ने 250 एकड़ जमीन पर प्लॉट और फ्लैट बनाकर लीज पर आवंटित किया. बची 150 एकड़ भूमि पर रोड, पार्क और पार्किग बनाई गई. उस समय यह शहर की सबसे बड़ी आवासीय योजना थी. सभी प्लॉट और फ्लैट रेजिडेंशियल होने के कारण सस्ते में दिए गए. 99 व 66 साल तक प्लॉट और फ्लैट में रहने की शर्त के साथ लीज पर दिया गया था. आवंटियों से एकमुश्त राशि जमा करवाई गई थी. कुछ साल बाद पीआरडीए का नगर निगम में मर्जर हो गया.

निगम के नियम अनुसार कोई भी फ्लैट या प्लॉट का मालिक बगैर निगम से अनुमति तोड़फोड़ या निर्माण नहीं कर सकता था. अगर आवंटी निगम के इस फ्लैट को बेचना चाहे तो लाभांश की 50 फीसदी राशि निगम में जमा करना आवश्यक है. यह लीज पूरी होने वाली थी और जमीन निगम के पास आने वाली थी. इससे पहले ही लोगों ने इसे फ्री लैंड करने की मांग की है.

निगम ने 25 फीसदी मांगी राशि

यहां शहर के रसूखदार रहते हैं. इन्होंने निगम पर दबाव बना रखा था. जिसे देखते हुए निगम ने मार्केट रेट का 25 फीसदी राशि ही लेकर फ्री लैंड करने की तैयारी की थी.

.. तो नहीं दे पाएंगे एकमुश्त 20 लाख

पार्षदों ने तर्क दिया था कि 25 परसेंट के हिसाब से लीजधारक 20 से 30 लाख रुपए एकमुश्त नहीं दे पाएंगे. इसलिए लीज भू लैंड को बाजार मूल्य के 10 परसेंट पर फ्री होल्ड किया जाए. लेकिन महापौर, स्टैंडिंग कमेटी के मेंबर और कमिश्नर ने लीज की जमीन का प्राइम लोकेशन में होने की वजह से 25 परसेंट राशि लेकर ही फ्री होल्ड करने का पत्र लिखा. नगर विकास विभाग द्वारा फ्री होल्ड करने के लिए 10 फीसदी राशि वसूली पर विचार करने का निर्देश दिया.

स्टैंडिंग कमेटी और बोर्ड मेंबर्स की संस्तुति के बाद सरकार से जारी मानदंडों के अनुसार ही लीज की जमीन को फ्री होल्ड किया जाएगा.

-अनुपम सुमन,

कमिश्नर नगर निगम

आवंटियों को 66 साल बाद 10 परसेंट राशि लेकर फ्री होल्ड जमीन देने का क्या औचित्य है.

-आशीष कुमार सिन्हा, वार्ड पार्षद 38

जमीन को फ्री होल्ड कर बाजार मूल्य पर कीमत वसूलनी चाहिए. आयुक्त किसके दबाव में निगम को इतना बड़ा नुकसान पहुंचाने जा रहे हैं.

-कुमार संजीत, वार्ड पार्षद 34