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PATNA: वह दिन दूर नहीं जब आप घर बैठे ही ऑनलाइन पुलिस कम्प्लेंट दर्ज करा सकेंगे. चरित्र सत्यापन से लेकर पुलिस की अन्य कई सेवाओं के लिए आपको थाना नहीं जाना पड़ेगा. सब कुछ ठीक ठाक रहा तो बहुत जल्द यह सुविधाएं पटनाइट्स को मिलनी शुरू हो जाएंगी. पटना सहित प्रदेश के 894 थानों और 1326 पुलिस पदाधिकारियों के कार्यालयों को ऑनलाइन करने की तैयारी तेज हो गई है. इसके लिए बिहार पुलिस ने गुरुवार को टाटा कंसलटेंसी सर्विसेस से हुए करार पर मुहर लगा दी है.

223 करोड़ रुपए का करार

पुलिस हेडक्वार्टर के मुताबिक क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम योजना को लेकर बिहार पुलिस काफी एक्टिव हो गई है. इसके लिए 5 बार निविदा निकाली गई. इसके बाद एमएस टीसीएस का चुनाव किया गया. प्रोजेक्ट के क्रियान्यवन के लिए 223 करोड़ रुपए का एकरारनामा भी कर लिया गया है.

अब नहीं छिप पाएगा अपराधी

सीसीटीएनएस योजना के लागू हो जाने के बाद देश में कहीं भी अपराधी छिप नहीं पाएगा. देश के किसी भी थाना से उसके बारे में जानकारी लेना और पकड़ना आसान हो जाएगा. देश से जुड़े सभी अपराध और अपराधियों की पूरी डिटेल ऑनलाइन हो जाएगी. इससे अपराधियों की सूचनाएं आदान प्रदान करने में पुलिस को काफी आसानी हो जाएगी. देश के सभी पुलिस अधिकारियों को भी राज्य और देश के अपराधियों की पूरी जानकारी मिल जाएगी.

ऐसे काम करेगा सीसीटीएनएस

सीसीटीएनएस केंद्र सरकार की योजना है जो बिहार में काफी देरी से शुरु हो रही है. यह योजना अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने को लेकर काफी अहम बताई जा रही है. पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के साथ कई स्टेट में तेजी दिखी है. देश के कई स्टेट में ऑनलाइन सुविधाएं भी शुरु हो गई हैं. इससे सबसे बड़ा फायदा होगा कि पुलिस विभाग काफी हद तक पेपरलेस हो जाएगा. डाटा भी आनलाइन होगा.

आम पब्लिक को मिलेंगी यह सुविधाएं

-ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे शिकायत

-ऑनलाइन करा सकेंगे चरित्र सत्यापन

-आवश्यक पुलिस की अनुमति भी ऑनलाइन ले सकेंगे

-खोए और लापता सामानों की कम्प्लेंट भी ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे

-चोरी के वाहनों की सूचना भी ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे.

-गुमशुदगी को लेकर भी ऑनलाइन सूचना दर्ज करा सकेंगे.

सीसीटीएनएस को लेकर बिहार पुलिस गंभीर है. इस योजना से आम पब्लिक के साथ पुलिस को भी फायदा होगा. अपराधियों पर नकेल कसना भी आसान होगा.

केएस द्विवेदी, डीजीपी बिहार