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JAMSHEDPUR: लौहनगरी में जन वितरण प्रणाली 'पीडीएस' योजना के अंतर्गत प्रतिमाह राशन उठानेवाले सबल कार्ड धारकों के कार्ड जब्त किए जाएंगे. जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि जिले के अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर हर माह सस्ता राशन उठाने वाले परिवारों पर मुकदमा दर्ज कर बाजार मूल्य के हिसाब से राशन की वसूली की जाएगी. जिले में तकरीबन 23 लाख लोगों में 407697 राशन कार्ड धारकों को राशन का वितरण किया जाता है. शहर में हजारों की संख्या में सक्षम लोग भी खद्यान्न उठा रहे हैं. जबकि राशन कार्ड न होने से जिले के लाखों गरीब परिवार को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा हैं. बता दें कि विभाग सक्षम राशनकार्ड धारकों को 30 जून तक राशनकार्ड सरेंडर करने का आदेश दिया था, लेकिन जिले में एक भी कार्डधारक ने कार्ड सरेंडर नहीं किया है.

की जा रही है जांच

जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि कार्डधारकों की आहर्ता की जांच की जा रही है. जांच में दोषी पाए जानेवाले कार्ड धारकों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम की धारा सात के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की जाएगी. जो लोग गलत तरीके से राशन उठा रहे हैं उनके खाद्यान्न की वसूली बाजार रेट पर 10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से की जाएगी.

लाभुकों का होगा वेरीफिकेशन

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन कार्ड होल्डरों का प्रति छह माह में एक बार भौतिक सत्यापन कराया जाएगा. इसके तहत आर्हता रखने वाले परिवारों को पीडीएस योजना में शामिल किया जाएगा. योजना का लाभ उठानेवाले वे परिवार जो अब सक्षम हो हो गए हैं, उनके राशन कार्ड सरेंडर कराएं जाएंगे. योजना का लाभ पानेवाले कार्डधारक की मृत्यु होने पर परिवार की आर्थिक दशा कमजोर होने पर ही परिवार के नाम पर कार्ड जारी किया जाएगा.

भूख से मौत पर राज्य सरकार जिम्मेदार

20 जून को जमशेदपुर आए खाद्य सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता विभाग भारत सरकार सचिव रविकांत कुमार ने मीटिंग कर भूख से मौत के मामले में राज्य सरकार को दोषी बताया था. बैठक में उन्होंने कहा था कि केंद्र अपने हिस्से का राशन राज्यों को समय से ही दे दे रहा है. जबकि राज्य सरकार लोगों को खाद्यान्न का सही वितरण नहीं कर पा रहे हैं. इस वजह से प्रदेश में लोग भूख से मर रहे हैं. बता दे कि जून में ही चाकुलिया में सबर परिवार के एक आदमी की भूख से मौत हो गई थी.

तकनीकी कारणों से नहीं रुकेगा खाद्यान्न

जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने आदेश दिया है कि तकनीकि कारण से किसी परिवार का खाद्यान्न रोका नहीं जाए. आधार कार्ड लिंक नहीं होने, अंगूठा स्कैन न होने की दशा में किसी परिवार का राशन नहीं रोका जा सकता है. ऐसी स्थिति में मुखिया द्वारा किसी भी पहचान पत्र के आधार पर उस परिवार को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा. उन्होंने आदेश दिया कि अगर कोई दुकानदार तकनीकि कारणों का बहाना बनाकर राशन नहीं देता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

जिले में पीडीएस योजना के तहत खाद्यान्न का लाभ उठा रहे सक्षम परिवार अपना राशनकार्ड दुकानदार को सरेंडर कर दें. जिले में जांच कराकर ऐसे लोगों के कार्ड जब्त किए जाएंगे.

-विंदेश्वरी तात्मा, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जमशेदपुर