न्यू गोरखपुर आवासीय योजना के वादे रह गए वादे

पानी, बैंक, पोस्टऑफिस, सफाई, सुरक्षा देने की बाइलाज की थी घोषणा

GORAKHPUR : गोरखपुर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (गीडा) पर विश्वास कर आवासीय योजना में प्लॉट लेने वाले लोग आज खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं. योजना को लांच करते समय जो वादों के पुलिंदे बांधे गए थे, आज भी वह सपने ही हैं. पैसा वसूल करने के बाद भी गीडा अब तक इन्हें हकीकत में नहीं बदल सका. अपने बाइलाज के माध्यम से जो गीडा ने जो घोषणाएं की थी, उसमें से एक भी पूरी नहीं हुई.

मेनटेनेंस के नाम पर वसूली

गीडा की ओर से मेनटेनेंस के नाम भी भारी वसूली की जाती है. बावजूद इसके लोग बुनियादी सुविधाओं से महरूम हैं. मुकामी लोगों की मानें तो गीडा मरम्मत के नाम पर 12 रुपए स्क्वॉयर वर्ग मीटर के हिसाब से पैसा वूसल करता है, इसको जमा करने में अगर लोगों को देर हो जाती है, तो फाइन तक लगा दिया जाता है. मगर बात जब सुविधाओं की आती है, तो जिम्मेदार चुप्पी साध लेते हैं. मुकामी लोगों की मानें तो करीब 18 सालों से यहां की बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं. उनका कहना है कि जब पब्लिक पर फाइन लग सकती है, तो इतनी बड़ी लापरवाही पर इनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए.

क्या थे वादे

- छह बड़े पार्क

- शॉपिंग कॉम्प्लेक्स

- सामुदायिक केंद्र

- पुलिस पोस्ट

- स्कूल

- क्लब

- बैंक

- पोस्ट ऑफिस

- उत्तम ड्रेनेज व्यवस्था

- सौ फिट चौड़ी हरित पट्टी

दूर जाने को विवश

गीडा की न्यू गोरखपुर आवासीय कॉलोनी में प्लॉट लेने वालों ने गोरखपुर में प्लाट लेने के लिए सोचकर पैसा लगाया था. एक ऐसी कॉलोनी जहां शहर की सभी सुविधाएं थोड़ी दूरी पर मिलती हो, लेकिन इस कॉलोनी में न तो कोई सुरक्षा है न ही शहरों जैसी कोई सुविधा. यहां के लोगों को अपने आवश्यक कार्यो के लिए काफी दूर लाना पड़ता है. छह पार्क मौजूद हैं लेकिन यह डेवलपमेंट की राह देख रहे हैं.

सुविधा दूरी

अस्पताल एक किमी

पुलिस पोस्ट छह किमी

पेट्रोल पंप तीन किमी

स्कूल दो किमी

बाजार पांच किमी

बैंक पांच किमी

पोस्ट ऑफिस एक किमी

प्लाटों के आवंटन के बाद से ही गीडा ने यहां के लोगों की सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया. अस्पताल, स्कूल, पार्क, शॉपिंग मॉल आदि के लिए जमीन छोड़ी गई है, लेकिन अब तक सुविधा नहीं मिली है.

गोरख तिवारी, अध्यक्ष, न्यू गोरखपुर वेलफेयर सोसायटी

सफाई और सुरक्षा यहां की सबसे बड़ी समस्या है. गीडा के बाइलॉज में यहां पुलिस पोस्ट देने का वादा किया गया था, लेकिन पुलिस पोस्ट यहां पांच किमी दूर होने के कारण आए दिन यहां चोरियां होती रहती है. वहीं सफाई के लिए तो गीडा की ओर से कोई व्यवस्था ही नहीं कही गई है.

राजेंद्र तिवारी, पदाधिकारी न्यू गोरखपुर वेलफेयर सोसायटी

ड्रेनेज और सीवर सिस्टम देने की बात कही है, ये सुविधाओं तो छोडि़ए यहां तो अब तक नालियां भी नहीं बनाई गई. गांवों में भी यहां से अच्छी नालियां बन गई हैं. गीडा की ओर से लगाए गए सफाईकर्मी तो कभी आते ही नहीं.

शंकर प्रसाद तुलस्यान

एक बार कॉलोनी को डेवलप करने के बाद आज तक सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई. यहां सड़कों का बुरा हाल है. जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं. पार्को के लिए छोड़ी गई जगह जानवरों के काम आ रही है.

राजेंद्र शर्मा, निवासी न्यू गोरखपुर आवासीय योजना