सपा प्रमुख ने ट्वीट करके लिखा छात्रसंघ का उद्घाटन, परमिशन ली गयी थी वार्षिकोत्सव की

vikash.gupta@inext.co.in

PRAYAGRAJ: मंगलवार को शहर का एक हिस्सा करीब चार घंटे तक अराजकता की आग में झुलसा. इतने बड़े बवंडर का कारण बना इलाहाबाद यूनिवर्सिटी छात्र संघ की तरफ से आयोजित प्रोग्राम. चीफ गेस्ट के तौर पर बुलाये गये सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने इसे छात्र संघ का इनॉगरेशन प्रोग्राम बताया था. विरोध और रोक भी इसी पर लगायी गयी थी. दैनिक जागरण आई नेक्स्ट ने बुधवार को इंवेस्टिगेट किया तो पता चला कि इनॉगरेशन का कोई प्रोग्राम था ही नहीं. यह वार्षिक उत्सव था. इसी की परमिशन भी ली गयी थी. इस मुद्दे पर सोशल मीडिया में नई बहस छिड़ गयी है.

अखिलेश ने बताया शपथ ग्रहण

इंवेस्टिगेशन में पता चला कि जैसे जैसे कार्यक्रम का दिन (12 फरवरी) नजदीक आता गया प्रोग्राम का नाम भी बदलता रहा. कभी इसे छात्रसंघ कार्यक्रम तो कभी छात्रसंघ समारोह के तौर पर प्रचारित किया गया. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने 12 फरवरी को अपने ट्वीट में इसे शपथ ग्रहण समारोह लिखा. चेकिंग में पता चला कि प्रोग्राम स्थल पर जो बैकड्राप लगाया गया उस पर वार्षिकोत्सव दर्ज है. इसके उलट आसपास लगे पोस्टर बैनर पर छात्रसंघ उद्घाट्न समारोह अंकित था.

कन्फ्यूज रहे या करते रहे

सोशल साइट्स फेसबुक, ट्विटर और ह्वाट्सएप पर भी कुछ सपाईयों ने इसे छात्रसंघ उद्घाटन समारोह लिखा तो वार्षिकोत्सव बताने वाले भी कम नहीं थे. इविवि छात्रसंघ के महामंत्री शिवम सिंह की अगुवाई में कई दिनो से चले आ रहे प्रदर्शन में छात्रसंघ उद्घाटन समारोह का ही विरोध लिखा गया. बाद में महामंत्री ने बीच का रास्ता खोज लिया और अपने बैनर पर उद्घाटन समारोह/वार्षिकोत्सव का विरोध लिखवा दिया.

07 अक्टूबर को हुआ निर्वाचन

दैनिक जागरण आई नेक्स्ट ने इविवि प्रशासन द्वारा जिला प्रशासन और सपा प्रमुख के निजी सचिव गंगाराम को भेजे पत्राचार को चेक किया तो पता चला कि यहां भी वार्षिक उत्सव लिखा गया है. विवि और जिला प्रशासन ने इसे एक राजनैतिक प्रोग्राम बताते हुए अखिलेश यादव के आगमन पर रोक लगा दी थी. सोशल मीडिया पर छात्रों और छात्रनेताओं का एक धड़ा लगातार यह सवाला उठाता रहा कि निर्वाचन 07 अक्टूबर 2018 को हुआ तो उद्घाटन फरवरी में कैसे?

15 मार्च को कार्यकाल खत्म

छात्रसंघ का निर्वाचन एक अकादमिक सत्र के लिए होता है

2015-16 के चुनाव में निर्वाचित छात्रसंघ को तत्कालीन डीएसडब्ल्यू ने ऑफिशियल नोटिस जारी करके बताया था कि उनका कार्यकाल 15 मार्च 2016 को समाप्त हो जाएगा

इसी शैक्षिक सत्र के चुनाव में 01 अक्टूबर 2015 को अध्यक्ष पद पर ऋचा सिंह निर्वाचित हुई

ऋचा ने 20 नवम्बर 2015 को एबीवीपी पैनल के छात्रसंघ उद्घाटन प्रोग्राम का यह कहकर विरोध किया कि ऐसे विवादित आयोजन छात्र नेता प्रचार पाने के लिए कराते हैं. उन्होंने इसी आधार पर तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ के प्रोग्राम का विरोध किया था.

वार्षिकोत्सव की ही ऑफिशियल परमिशन ली गई थी. मैं वार्षिकोत्सव में था भी. मेरा इसे पूरा समर्थन इसलिए था क्योंकि अध्यक्ष ने पूर्व में हमारे कार्यक्रम में भी सहयोग किया था.

-अखिलेश यादव,

उपाध्यक्ष, छात्रसंघ

वार्षिकोत्सव कहीं और भी कराया जा सकता था. नाम को लेकर कंफ्यूजन इसलिए था क्योंकि इसका उद्देश्य ही प्रचार बटोरना और योगी सरकार को बदनाम करना था.

-शिवम सिंह,

महामंत्री, छात्रसंघ