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एसएमएस से मिले मुकदमों की डेट: मोदी

Mon 03-Apr-2017 01:13:17
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इलाहाबाद हाईकोर्ट के 150वें वर्षगांठ कार्यक्रम में बोलते अतिथि.

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अधिकारियों व नेताओं से बात करते.

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इलाहाबाद हाईकोर्ट के 150वें वर्षगांठ कार्यक्रम में शामिल होने जाते अधिवक्ता व अधिकारी एवं अन्य.

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इलाहाबाद हाईकोर्ट के 150वें वर्षगांठ कार्यक्रम में पहुंचे पीएम की सुरक्षा में जायजा लेते अधिकारी.

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इलाहाबाद हाईकोर्ट के 150वें वर्षगांठ कार्यक्रम में अतिथियों के वक्तव्य को सुनने बैठे अधिवक्ता व कोर्ट के अधिकारी एवं कर्मचारी.

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इलाहाबाद हाईकोर्ट के 150वें वर्षगांठ कार्यक्रम में मंच पर जाते पीएम नरेंद्र मोदी.

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इलाहाबाद हाईकोर्ट के 150वें वर्षगांठ कार्यक्रम को संबोधित करते सीएम आदित्यनाथ योगी.

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इलाहाबाद हाईकोर्ट के 150वें वर्षगांठ कार्यक्रम को संबोधित करते अतिथि.

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इलाहाबाद हाईकोर्ट के 150वें वर्षगांठ कार्यक्रम को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी.

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दीप जला कर इलाहाबाद हाईकोर्ट के 150वें वर्षगांठ कार्यक्रम का शुभारंभ करते पीएम.

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इलाहाबाद हाईकोर्ट के 150वें वर्षगांठ कार्यक्रम में पहुंचे पीएम की सुरक्षा में लगे अफसरों की गाडिय़ां व जैमर वाहन.

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सीएम को स्मृति चिन्ह भेंट करते.

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इलाहाबाद हाईकोर्ट के 150वें वर्षगांठ कार्यक्रम में किताब का विमोचन करते पीएम, राज्यपाल, व सीएम.

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पीएम व सीएम की एक छलक पाने को उमड़ी भीड़.

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इलाहाबाद हाईकोर्ट के 150वें वर्षगांठ कार्यक्रम स्थल की तरफ जा रहे युवक की तलाशी लेते पुलिस के जवान.

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इलाहाबाद हाईकोर्ट के 150वें वर्षगांठ कार्यक्रम में किताब को विमोचन करते अतिथि.

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पीएम नरेंद्र मोदी का स्वागत करतीं मेयर अभिलाषा गुप्ता.

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कानून व्यवस्था का बोझ कम करने और उसे तकनीक के जरिए सरल बनाने की मुहिम का गवाह इलाहाबाद हाईकोर्ट परिसर बना. रविवार को हाईकोर्ट की 150वीं वर्षगांठ के समापन समारोह के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यायपालिका की समस्याओं और चुनौतियों पर खुलकर चर्चा की. उन्होंने कहा कि नई तकनीक को अपनाकर कानून व्यवस्था को सरल व सुदृढ़ बनाया जा सकता है. जेल से कैदियों को सुनवाई के लिए कोर्ट लाने में पैसा और समय की बर्बादी होती है. अगर तकनीक के जरिए कोर्ट और जेल को जोड़ दिया जाए तो इस समस्या से निजात मिल जाएगी. कार्यक्रम में पीएम सहित यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, सीजेआई जेएस खेहर, राज्यपाल राम नाईक समेत कई जजेस ने शिरकत की. पीएम मोदी ने यूपी की नई सरकार से जेल और कोर्ट के बीच की दूरी खत्म करने के लिए कदम उठाने की उम्मीद जताई. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगीजी इस ओर जरूर ध्यान देंगे. मुकदमों की सुनवाई वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए हो तो समय और संसाधन दोनों की बचत होगी. उन्होंने कहा कि जेल से कैदी को कोर्ट तक लाना कितना मुश्किल होता है और क्या-क्या होता है, यह सबको पता है. अपने 18 मिनट के भाषण में प्रधानमंत्री ने कानून का बोझ कम करने की बात भी कही.