-राइफल क्लब में फॉर्म जमा करने वालों की लग रही है लम्बी लाइन

-नई प्रक्रिया के तहत रिवाल्वर का लाइसेंस लेने वालों को अधिक फीस

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इनको मिलेगी वरीयता

-अपराध से पीडि़त

-विरासतन

-व्यापारी व उद्यमी

-बैंककर्मी व वित्तीय कर्मचारी

-विभागों के ऐसे कर्मचारी जो प्रवर्तन कार्य में हों

-सैनिक, अ‌र्द्धसैनिक व पुलिस बल

-विधायक, सांसद व एमएलसी

-स्टेट, नेशनल व इंटरनेशनल निशानेबाज

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ये जमा करनी होगी एनएससी

30-हजार रुपए रायफल

20-हजार रुपए डबल बैरल बंदूक

50-हजार रुपए रिवाल्वर और पिस्टल

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स्टाम्प शुल्क

2 हजार रुपए से अधिक रिवाल्वर और पिस्टल पर

15 सौ रुपए रायफल

1 हजार रुपए डबल व सिंगल बैरल बंदूक

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फैक्ट एंड फिगर

0-अक्टूबर से ओपन हुए हैं शस्त्र लाइसेंस के फॉर्म

12 सौ से अधिक हो चुके हैं अब तक आवेदन

9-बजे से ही फॉर्म जमा करने वालों की लगती है लाइन

1-रुपए का अप्लीकेशन फार्म फोटो स्टेट बाले बेच रहे 10 रुपए में

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BAREILLY :

रायफल और पिस्टल अब स्टेटस सिंबल बनता जा रहा है. इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शस्त्र लाइसेंस पर लगी रोक हटते ही डिस्ट्रिक्ट में शस्त्र लाइसेंस लेने वालों की बाढ़ सी आ गई है. दो दिन में ही 1200 से ज्यादा लोग शस्त्र लाइसेंस के लिए अप्लाई कर चुके हैं. इनमें भी लगभग 75 परसेंट लोगों ने राइफल और पिस्टल के लिए आवेदन किया है. जबकि बंदूक का लाइसेंस लेने वालों की संख्या लगभग 25 परसेंट ही है. शस्त्र लाइसेंस हासिल करने के लिए ये आवेदक सभी बाधाएं पार करने को तैयार हैं. इनके लिए न तो मोटी एनएससी जमा करने की टेंशन है और न ही स्टांप ड्यूटी चुकाने की.

रोक हटते ही अावेदन शुरू

शस्त्र लाइसेंस पर रोक हटने से लाइसेंस के शौकीन लोगों की खुशियों का ठिकाना नहीं रहा. 10 अक्टूबर से शस्त्र लाइसेंस के फॉर्म बिकना शुरू हो गए हैं. शस्त्र लेने वालों में जुनून कम नहीं हैं. वह सुबह से ही शस्त्र लेने के लिए लम्बी लाइन लगाने के लिए पहुंच जाते हैं.

बंदूक का कम हुआ क्रेज

रायफल क्लब में शस्त्र लाइसेंस के लिए अप्लाई करने वालों में सबसे अधिक रिवाल्वर और पिस्टल के आवेदक आ रहे हैं. आंकड़ों के अनुसार पिस्टल और रिवाल्वर के लिए 50 प्रतिशत लोग पिस्टल और रिवाल्वर के लिए आवेदन कर रहे हैं. वहीं 30 प्रतिशत आवेदन रायफल के और 20 प्रतिशत आवेदन बंदूक के लिए आ रहे हैं. इससे माना जा रहा है कि बंदूक के प्रति लोगों का क्रेज घट रहा है. इसके साथ ही पिस्टल और रिवाल्वर के साथ रायफल का क्रेज बना हुआ है.

..तो करना होगा नया आवेदन

शासन का आदेश आने से पहले जिसने भी लाइसेंस के लिए आवेदन किया था वह सभी निरस्त हो जाएंगे. उन्हें भी नए सिरे से अब आवेदन करना होगा. जिसके चलते उनकी पहले से की गई मेहनत बेकार हो गई.

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सुबह आठ बजे से ही लाइसेंस का प्रार्थना पत्र जमा कर आवेदन फार्म लेने के लिए खड़ा हूं. बेटे को शौक है इसीलिए उसी के नाम रायफल का लाइसेंस ले रहा हूं.

इनायत उल्ला, मुडि़या चेतराम

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पिस्टल के लाइसेंस का प्रार्थना पत्र देकर फॉर्म लेना था. मेरे भाई ठेकेदार हैं और वह राजनीति से भी जुड़े हैं. इसीलिए सुरक्षा के लिए ले रहा हूं.

रवि, भ्ामोरा

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मैं बिजनेसमैन हूं, आज कल वारदातों को देखकर लगता है कि खुद की सुरक्षा जरूरी है. इसीलिए पिस्टल का लाइसेंस के लिए अप्लाई कर रहा हूं.

रमेश, भ्ाडरिया

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मैं किसान हूं, लेकिन सुरक्षा के लिए लाइसेंस जरूरी है. बिजनेस भी करता हूं. इसीलिए रायफल या फिर पिस्टल लेनी जरूरी है. इसीलिए सुबह से लाइन में लगा हूं.

सतीश, भमोरा

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लाइसेंस प्रक्रिया पहले भी बंद नहीं थी. अब शासनादेश आने के बाद डीएम स्तर से लाइसेंस बनना शुरू कर दिए गए हैं. अब आवेदकों की संख्या बढ़ी है. इस बार कुछ शुल्क भी बढ़े हैं. यह पूरी जानकारी बेवसाइट पर अपलोड हैं.

अशोक कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट