आगरा. शहर की सड़कें अब भी गड्ढों से कराह रही हैं. ये हाल तब हैं जबकि प्रदेशभर में गड्ढामुक्त अभियान जोर-शोर से चलाया गया. यहां भी अधिकारियों ने सड़कों की हालात सुधारने के लिए तमाम दावे किए. बावजूद इसके हालात हकीकत से काफी उलट हैं. मुख्य मार्गो पर ही गड्ढों की भरमार है, तो कहीं सड़क ही उखड़ी पड़ी है.

1. शाहगंज-बोदला रोड

इस मार्ग से रोज हजारों की संख्या में वाहनों का आवागमन होता है. टूरिस्ट वाहन भी बड़ी तादाद में यहां से गुजरते हैं. बावजूद इसके मार्ग जर्जर हालत में है. रामनगर की पुलिया पर सड़क उखड़ी पड़ी है. इससे जहां वाहनों को नुकसान पहुंचता है, वहीं हादसे की आशंका भी बनी रहती है. यहां खस्ताहाल सड़क जाम की वजह भी बनती है.

2. पृथ्वीनाथ फाटक मार्ग

ये रास्ता फतेहपुर सीकरी की ओर जाता है. रोज देशी-विदेशी पर्यटकों को लेकर वाहन यहां से गुजरते हैं. बावजूद इसके इस रोड की दुर्दशा की ओर सरकारी मशीनरी का कोई ध्यान नहीं है. यहां कुछ ही दूरी पर कई गड्ढे हो रखे हैं. ऐसे में पर्यटक हिचकौले खाते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचने को मजबूर होते हैं. अफसर इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे.

3. भोगीपुरा-फतेहपुरसीकरी रोड

भोगीपुरा शहर के व्यस्ततम चौराहों में से है. यहां दिनभर वाहनों का जमघट लगा रहता है. फिर भी सड़क खस्ताहाल है. फतेहपुर सीकरी जाने के लिए भी पर्यटकों के वाहन यहां से गुजरते हैं. आम लोगों के लिए भी ये मुख्य मार्ग है. फिर भी मार्ग की हालत जर्जर है. पहले से ही ट्रैफिक की भरमार के बाद जर्जर हालत में सड़क जाम को बढ़ावा देती है.

4. हाथीघाट यमुना किनारा रोड

यमुना किनारा रोड शहर के वीआईपी रोड में शुमार है. बाहर से आने वाले पर्यटक अमूमन इसी मार्ग का शहर में एंट्री के लिए इस्तेमाल करते हैं. ये मार्ग ताजमहल और आगरा किला को भी सीधे एनएच-2 से जुड़ता है. बावजूद इसके यहां हाथीघाट पर सड़क के बींचोबीच गड्ढा खोद दिया गया. गड्ढा भर दिया गया, लेकिन यहां से सड़क गायब हो चुकी है.

5. सेंट जॉन्स चौराहा से लोहामंडी रोड

एमजी रोड से लोहामंडी की तरफ जाने वाला ये मुख्य मार्ग है. सेंट जॉन्स चौराहे पर ही सड़क की हालत खराब है. यहां उखड़ी सड़क को दुरुस्त करने के लिए लाल गिट्टी डाल दी गई. लेकिन, इसके बाद संबंधित विभाग डामर डालना भूल गया. ऐसे में वाहनों के दबाव के चलते गिट्टियां उखड़ने लगी हैं. वाहनों को भी नुकसान हो रहा है.