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LUCKNOW : कुख्यात आतंकी संगठन आईएस के मॉड्यूल 'हरकत उल हर्ब ए इस्लाम' से जुड़े आतंकी मोहम्मद गुफरान को नेशनल इंवेस्टीगेशन एजेंसी ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। अमरोहा के नौगवां सादात स्थित बांसखेड़ी गांव निवासी मोहम्मद गुफरान को एनआईए ने शनिवार को पूछताछ के लिए नई दिल्ली बुलाने के बाद गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि मोहम्मद गुफरान अपने साथियों की मदद से दिल्ली, एनसीआर और यूपी में बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की साजिश रच रहा था। उनके मंसूबों को एनआईए ने ध्वस्त करते हुए इस मॉड्यूल के 12 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया था। एनआईए की टीम ने लखनऊ आकर भी वजीरगंज निवासी मां-बेटे से पूछताछ की थी जिनको इस मॉड्यूल के सदस्यों ने टेरर फंडिंग के लिए इस्तेमाल किया था।

12 आतंकी हो चुके हैं गिरफ्तार

एनआईए ने बीते दिसंबर और जनवरी माह में यूपी के अमरोहा, मेरठ, लखनऊ समेत कई ठिकानों पर छापेमारी कर आईएस विचारधारा से प्रेरित होकर बनाए गये आतंकी मॉड्यूल 'हरकत ए उल हर्ब ए इस्लाम' का खुलासा करते हुए 12 आतंकियों को दबोचा था। पूछताछ में अमरोहा के गुफरान का नाम भी सामने आया था जिसके जिम्मे आतंकी वारदात को अंजाम देने के लिए हथियारों और विस्फोटक जुटाना था। इनका लक्ष्य दिल्ली और उसके आसपास के इलाके थे और इसी वजह से उन्होंने वेस्ट यूपी के शहरों को अपनी पनाहगाह बनाया था। इस ग्रुप का आमिर (सरगना) दिल्ली सीलमपुर इलाके में रहने वाला मुफ्ती मोहम्मद सुहैल उर्फ हजरत उर्फ अब्बासी था। वह फंडिंग के अलावा अपने साथियों की मदद से आईईडी बनाने के लिए विस्फोटक जुटा रहा था।  

लखनऊ में भी हुई थी छापेमारी

आईएस के मॉड्यूल हरकत उल हर्ब ए इस्लाम के सदस्यों की तलाश में जुटी एनआईए की टीम ने लखनऊ में भी छापेमारी की थी। दरअसल इस संगठन ने वजीरगंज निवासी मां-बेटे को फेसबुक और वाट्सएप के जरिए खुद से जोड़ा और उनको जेहादी साहित्य, वीडियो व अन्य सामग्री भेजने लगे। एनआईए ने महिला और उसके बेटे से पूछताछ में अमरोहा रकम भेजे जाने के बारे में मालूमात की तो उन्होंने बताया कि अकबरी गेट स्थित जम-जम ज्वैलर्स को कुछ समय पहले करीब पौने तीन लाख रुपये के जेवर बेचे थे। जेवर बेचकर मिली रकम को मदरसे के लिए अमरोहा भिजवाया था। टीम महिला को लेकर अकबरी गेट स्थित ज्वैलर्स के यहां भी गई थी और जेवर बेचे जाने और आतंकी संगठन से कोई सीधा संबंध न होने की पुष्टि होने के बाद उनको छोड़ दिया था।

अमरोहा में बनाए गए बम

इस संगठन ने आतंकी हमलों के लिए सारे बम अमरोहा में ही तैयार कराए थे, लेकिन सिर्फ  लांचर बम को ही दिल्ली भेज पाए थे। बाकी बमों की सप्लाई हमलों के मुताबिक होनी थी। संगठन ने पिस्टल और तमंचे मेरठ के रांधना से खरीदे थे। वे आपस में संपर्क के लिए फेसबुक, वाट्सएप और टेलीग्राम पर चैट करते थे। जांच में यह भी पता चला था कि मुफ्ती मोहम्मद सुहैल चार माह पहले लखनऊ भी आया था और उसने यहां कुछ प्रमुख स्थानों की रेकी की थी। वह पुराने लखनऊ स्थित एक मदरसे में भी गया था। इस संगठन के तार कश्मीर के आतंकी संगठनों से जुड़े भी पाए गये थे।

फैक्ट फाइल

- 26 दिसंबर को एनआईए ने 16 जगहों पर छापेमारी कर 10 आतंकियों को दबोचा
- 150 राउंड गोलियां, रॉकेट लांचर, 12 पिस्तौल, 112 अलार्म घडिय़ां इत्यादि बरामद
- 4 जनवरी को मेरठ में छापेमारी कर पिस्टल मुहैया कराने वाले नईम को पकड़ा
- 11 जनवरी को हापुड में छापा मारकर अब्दुल अबसार को किया अरेस्ट
- 17 जनवरी को यूपी और पंजाब में सात जगहों पर फिर की छापेमारी

अब तक 13 गिरफ्तार
मुफ्ती मोहम्मद सुहैल, अनस यूनुस, राशिद जफर, सईद उर्फ सैयद, रईस अहमद, जुबैर मलिक, जैद मलिक, शाकिब इफ्तिखार, मोहम्मद इरशाद, मोहम्मद आजम, नईम, अब्दुल अबसार, मोहम्मद गुफरान।

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