स्टेडियम में शूटिंग के लिए दिखने लगी है युवाओं में दिलचस्पी

शूटिंग संबंधी व्यवस्था को पुख्ता करने का आदेश भी जारी

Meerut. इंडोनेशिया में चल रहे एशियन गेम्स में शहर के खिलाडि़यों ने जब से ‌र्स्वण पदक पर निशाना साधा है तबसे कैलाश प्रकाश स्पो‌र्ट्स स्टेडियम में युवाओं की भीड़ लगने लगी है. स्टेडियम में शूटिंग के कोच संदीप नागर ने बताया कि शूटिंग की जानकारी और एडमिशन लेने के लिए कई युवा यहां आ रहे हैं. साथ ही स्टेडियम में शूटिंग से संबंधी व्यवस्था को पुख्ता करने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं.

सुविधा का अभाव

कोच संदीप नागर ने बताया कि स्कूल स्तर पर व प्राइवेट रेंज में हर खिलाड़ी को नए वैपन से ट्रेनिंग दी जाती है और यही उम्मीद लेकर वह स्टेडियन में आते हैं. यहां हर खिलाड़ी को नए वैपन से ट्रेनिंग देने का इंतजाम नहीं है. संसाधन सीमित होने की वजह से यहां आने वाले खिलाड़ी बाहर प्राइवेट रेंज में एडमिशन ले लेते हैं.

स्टेडियम में अचानक से शूटिंग में एडमिशन के लिए खिलाडि़यों की संख्या बढ़ गई है. यह कोई इत्तेफाक नहीं बल्कि शूटिंग में शहर के खिलाडि़यों के गोल्ड लाने की वजह से हो रहा है.

संदीप नागर, शूटिंग कोच

यदि सरकार द्वारा स्टेडियम में शूटिंग को लेकर सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी तो आने वाले वक्त में देश और शहर के लिए आने वाले गोल्ड मेडल की संख्या भी बढ़ जाएगी.

अभिनव, शूटर

प्राइवेट रेंज में प्रैक्टिस करने के लिए ज्यादा समय और नया वैपन मिलता है लेकिन स्टेडियम में ज्यादा शूटर और कम वैपन के होने की वजह से असुविधा होती है.

अंकित, शूटर