संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करने अमरीका गए मनमोहन के रविवार को शरीफ से मिलने की संभावना है.

भाजपा के प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि इस हमले से पता चलता है पाकिस्तान भारत के ख़िलाफ़ छद्म युद्ध को बढ़ावा दे रहा है.

उन्होंने कहा, ''मुंबई पर 26 नवंबर 2008 को हुए हमले और सीमा पर दो भारतीय सैनिकों के सिर क़लम की घटना के बाद प्रधानमंत्री ने संसद के दोनों सदनों को आश्वस्त किया था कि पाकिस्तान आंतकवाद के ख़िलाफ़ जब तक कुछ कार्रवाई नहीं करता है, उसके साथ कोई बातचीत नहीं होगी.''

पाकिस्तान की ज़मीन

"हमले को देखते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अमरीका में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के साथ बातचीत नहीं करनी चाहिए"

-यशवंत सिन्हा, भाजपा नेता

भाजपा प्रवक्ता ने कहा, "आज हम देख रहे हैं कि भारत पर  हमले के लिए पाकिस्तान की ज़मीन का इस्तेमाल हो रहा है."

भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने एक टीवी चैनल से कहा कि हमले को देखते हुए प्रधानमंत्री को अमरीका में शरीफ़ के साथ बातचीत नहीं करनी चाहिए.

इस बीच जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हमले में मारे गए पुलिसकर्मियों और नागरिकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है.

उमर ने श्रीनगर में संवाददाताओं से कहा कि हमले की जगह और समय को देखते हुए लगता है कि इसका मक़सद अमरीका में भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों के बीच होने वाली बातचीत को नुक़सान पहुँचाना और राज्य में जारी शांति प्रक्रिया को पटरी से उतारना है.

शांतिपूर्ण समाधान

उन्होंने कहा, "हम सभी समस्याओं का  शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं." उमर ने कहा कि इस हमले के बाद प्रधानमंत्री के ऊपर इस बात का राजनीतिक दबाव बनाया जाएगा कि वो शरीफ़ के साथ बातचीत का रास्ता छोड़कर कोई और रास्ता अपनाएं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि चरमपंथियों के मक़सद को नाकाम करने के लिए जरूरी है कि बातचीत की जाए. चरमपंथियों को उनके मक़सद में क़ामयाब होने का मौका नहीं दिया जाना चाहिए.

वहीं कांग्रेस प्रवक्ता मीम अफ़जल ने संवाददाताओं से कहा भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों की अमरीका में होने वाली बातचीत को न होने देने के लिए यह हमला किया गया है.

उन्होंने इस हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी.

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