क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभुक चयन के साथ ही बैंक से उन्हें लोन मिल जाएगा. इसके तहत लाभुक को सिर्फ रांची नगर निगम से प्राप्त अलॉटमेंट लेटर दिखाना होगा, जिसके आधार पर तत्काल बैंक उन्हें लोन दे देगा. इस संबंध में नगर विकास विभाग के सचिव अजय कुमार सिंह ने सभी बैंकों को निर्देश दिया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभुक की मदद करें. लोन देने के लिए उनको परेशान ना किया जाए. लाभुक के चयन के साथ ही उन्हें लोन दिया जाए.

लाभुक के खाते में सब्सिडी

नगर विकास सचिव ने राज्य और केंद्र सरकार से मिलने वाली सब्सिडी भी लाभुक के खाते में चली जाएगी. इसके अलावा अतिरिक्त राशि लाभुक को अंशदान के रूप में खुद के पास से या बैंक से लोन लेकर खर्च करनी होगी.

डेढ़ या 5.5 लाख देना होगा

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रथम घटक में स्लम में रह रहे लोगों को अंशदान के रूप में लगभग डेढ़ लाख रुपए या तो खुद के पास से या बैंक से लोन लेकर देना होगा. इसके अलावा घटक 3 में आवास लेने वाले लाभुकों को लगभग 4.5 लाख से 5.5 लाख रुपए अंशदान के रूप में खुद का पैसा या बैंक से लोन लेकर देना होगा. इसके बाद राज्य सरकार और केंद्र सरकार द्वारा सब्सिडी भी दी जाएगी.

लोन चुकाने पर घर अपना

आवास योजना के तहत जिन लोगों को भी बैंक द्वारा लोन दिया जाएगा, उसकी अवधि लॉकिंग पीरियड 15 साल होगी. अवधि पूरी करने और लोन चुकता होने के बाद ही घर पूरी तरह से लाभुक का होगा.

रायपुर व गुजरात जाएगी टीम

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सबसे बेहतर काम गुजरात और रायपुर में हो रहा है. रांची सहित पूरे झारखंड में भी इन नियमों को और सरल बनाने को लेकर नगर विकास विभाग और बैंकों की दो टीम रायपुर और गुजरात का दौरा करेगी. उसके आधार पर नियम में बदलाव संभव होगा.

वर्जन

केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार सबकी प्राथमिकता है कि वैसे परिवार जो शहरों में रह रहे हैं लेकिन उनका अपना आशियाना नहीं है तो उन्हें एक घर देने में सहयोग किया जाए. इसी को लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ऐसे परिवारों को चिन्हित कर घर देने का काम किया जा रहा है, जिसमें उन्हें सरकार सब्सिडी भी दे रही हैं.

-अजय कुमार सिंह, सचिव, नगर विकास विभाग