समाज में भय पैदा करना इनकी बन चुकी थी नियति, करते थे लफड़ा

छोटे गुण्डों पर की गई है 110 दण्ड प्रक्रिया संहिता के तहत कार्रवाई

mukesh.chaturvedi@inext.co.in

PRAYAGRAH: शहर से लेकर गांव तक जिले में गुण्डों की संख्या बढ़ती जा रही है. पुलिस विभाग के आंकड़े इस बात के उदाहरण हैं. इनमें कुछ बड़े तो हजारों की संख्या में छोटे गुण्डे शामिल हैं. समाज में भय पैदा करने वाले सैकड़ों लोगों के खिलाफ पुलिस ने गुण्डा अधिनियम के तहत कार्रवाई की है. छोटे गुण्डों की संख्या दो हजार के पार पहुंच गई है. इनके विरुद्ध 110 दण्ड प्रक्रिया संहिता के तहत कार्रवाई की है.

घर से निकलें तो रहें होशियार

जनवरी से अक्टूबर तक केवल दस माह के ये आंकड़े चौंकाने वाले हैं. ऐसे में कहा जा सकता है कि शहर में घर छोड़ने के बाद संभल कर चलें और होशियार रहें. किस मोड़ और किस बात पर कहां छोटे या बड़े गुंडे सा सामना हो जाए, कहना मुश्किल है. जानकारों की मानें तो ऐसे लोगों की बदौलत ही आए दिन समाज में दहशत फैलाने व मारपीट एवं कब्जे जैसी शिकायतें बढ़ती जा रही हैं.

पुलिस भी है इनसे परेशान

इस तरह के बढ़ते अपराध के बोझ से पुलिस भी परेशान है. जांच और पत्रावली कोर्ट तक पहुंचाने में पुलिस का वक्त जाया हो रहा है. वह दूसरे और बड़े मामले में काम ही नहीं कर पा रही है. उदाहरण के तौर पर क्षेत्राधिकारी द्वितीय के कार्यालय को देखा जा सकता है. सूत्रों की मानें तो यहां पांच हजार से अधिक विवेचनाएं वर्षो से पूरी नहीं हो सकी हैं. हत्या, लूट जैसे मामलों के निस्तारण में विलंब हो रहा है. हालांकि क्षेत्राधिकारी इस संख्या को ढाई हजार ही बता रहे हैं.

नहीं होता धैर्य, पैदा करते हैं दहशत

- गुंडों की बढ़ती संख्या के पीछे पुलिस अधिकारी धैर्य को बड़ी वजह मान रहे हैं

- कहते हैं कि ऐसे लोगों में धैर्य यानी पेसेंस की क्षमता कम होती है

- अपने फायदे की बात आते ही वे दूसरों का नुकसान करने से पीछे नहीं हटते

- यही वजह है कि मारपीट व जमीन और मकान पर कब्जे की शिकायतें बढ़ रही हैं.

- समाज में दहशत व डर पैदा कर ऐसे लोग अपना हित साधते हैं

- जांच व नियमों के दायरे में आते ही ऐसे लोगों के खिलाफ प्रशासन और पुलिस द्वारा गुण्डा एक्ट की कार्रवाई की जाती है

समाज में जो भी भय पैदा करेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. शांति और सुरक्षा बनाए रखना पुलिस का मकसद है. जो व्यक्ति कानून को हाथ में लेगा और गुण्डा अधिनियम के दायरे में आएगा उस पर कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ऐसे लोगों पर नजर बनाए हुए है.

नितिन तिवारी, एसएसपी, प्रयागराज

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लोगों के खिलाफ गुण्डा अधिनियम के तहत दस माह में हुई कार्रवाई

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लोगों पर छोटा गुण्डा 110 दण्ड प्रक्रिया संहिता की दस माह में हुई कार्रवाई

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लोगों पर वर्ष 2017 में हुई थी गुण्डा अधिनियम की कार्रवाई

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लोगों पर वर्ष 2017 में छोटा गुण्डा 110 दण्ड प्रक्रिया संहिता के तहत की गई थी कार्रवाई