PATNA : 14 साल तक छकाने वाले हार्ड कोर नक्सली अनिल टाइगर को पटना पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है. एसएसपी मनु महाराज की सक्रियता से पुलिस को यह सफलता हाथ लग सकी है. वह प्रतिबंधित नक्सली संगठन सीपीआई माओवादी से जुड़कर पुलिस को चुनौती दे रहा था. पुलिस अधिकारियों का दावा है कि पूछताछ के बाद बड़ा खुलासा किया जाएगा.

एसएसपी ने बनाया था प्लान

कुख्यात नक्सली अनिल टाइगर को पकड़ने के लिए एसएसपी ने मसौढ़ी के एसडीपीओ की अगुआई में एक टीम बनाई थी. विशेष टीम को यह सफलता सोनमाई रोड पर चारपोलवा के पास मिली. टीम ने काफी मशक्कत के बाद तीन किमी तक नक्सली अनिल का पीछा कर उसे गिरफ्तार कर लिया.

कई सालों से चल रही थी तलाश

किसी घटना को अंजाम देने में लगा था टाइगर

पुलिस की माने तो अनिल टाइगर किसी बड़ी घटना को अंजाम देने में लगा था. उसके पास से एक पिस्टल और 4 गोली भी बरामद किया है. हार्डकोर नक्सली अनिल टाइगर को 14 साल से पुलिस तलाश रही थी. पुलिस का कहना है कि 1998 में अनिल गिरफ्तार हुआ था. करीब 6 साल जेल में बिताने के बाद 2004 में बाहर आया. जेल से निकलने का बाद से ही वह फिर से नक्सली गतिविधियों में लिप्त हो गया और हत्या, लूट और रंगदारी जैसी वारदातों को अंजाम देने लगा.

-पटना पुलिस के मुताबिक मदर इंडिया कंस्ट्रक्शन कंपनी को 10 करोड़ रुपए का ठेका मिला था.

-नक्सली अनिल टाइगर ने कंपनी के मैनेजर से 5 लाख रुपए की रंगदारी मांगी थी.

-रुपए नहीं देने पर अनिल ने काम नहीं करने देने की धमकी दी थी.

-रंगदारी मांगे जाने की शिकायत कंस्ट्रक्शन कंपनी के मैनेजर ने एसएसपी मनु महाराज से की थी.

-शिकायत के बाद पटना एसएसपी ने पुलिस को अलर्ट कर दिया था.

-अनिल पर डेढ़ दर्जन से अधिक एफआईआर दर्ज है.

-अनिल के खिलाफ धनरुआ थाना में डेढ़ दर्जन से भी अधिक एफआईआर दर्ज है.