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PATNA : मंगलवार को कोतवाली पुलिस ने चौकाने वाला खुलासा किया है. यह खुलासा है नक्सलियों के हाथ जाली नोट का कारोबार आने का. पुलिस सूत्रों का कहना है कि नक्सली आर्थिक तंगी से उबरने के लिए यह धंधा शुरू कर दिए हैं लेकिन बड़ा सवाल यह है कि पाकिस्तान की डी कंपनी का धंधा नक्सलियों तक किसके कनेक्शन से पहुंच गया है. सूत्रों का कहना है कि जाली नोट के धंधे को गया के नक्सल प्रभावित इलाका शेरघाटी से ऑपरेट किया जा रहा है. सूत्रों की मानें तो नक्सलियों ने इसके लिए मशीन की भी व्यवस्था कर ली है. यही कारण है कि जो नोट पुलिस के हाथ लगे हें वह काफी हद तक असली नोटों से मिलते जुलते हैं.

बड़े एक्शन से खुल गई पोल

पटना में जाली नोट की सप्लाई की जानकारी पुलिस को मिल थी. इसपर पटना पुलिस गंभीर हो गई. इसके लिए पुलिस की स्पेशल टीम ने काम करना शुरू कर दिया. जांच के दौरान पुलिस को पता चल गया कि पटना में नकली नोटों की खेप आ रह है. पुलिस एक्टिव होकर सप्लायरों क तलाश में जुट गई. इसी दौरान 4 लाख रुपए के जाली नोट लेकर पटना पहुंचे एक शख्स की जानकारी पुलिस टीम को मिली.

पुलिस खंगाल रही नेटवर्क

4 लाख रुपए के जाली नोट के साथ गिरफ्तार मधुरेंद्र की पत्‍‌नी औरंगाबाद जिले के बतशपुर पंचायत में टीचर है. पूछताछ में पता चला कि जाली नोट के बंडल पटना पहुंचाने के लिए उसे बीरेंद्र कुमार सिंह ने दिया था. बीरेंद्र औरंगाबाद

जिले का रहने वाला और देव

लॉक में वो टीचर भी है. सोर्स बताते हैं कि बीरेंद्र का नक्सली कनेक्शन है. उनके जाली नोट को खपाने में ये काफी दिनों से मदद करता आ रहा है. इसके साथ ही बीरेंद्र कीमती एंटीक पीस की स्मगलिंग भी करता है.

एसएसपी के निर्देश पर गिरफ्तारी

एसएसपी के निर्देश पर कोतवाली पुलिस और स्पेशल सेल ने जाली नोट लेकर पटना आए सप्लायर को गिरफ्तार करने में लग गए. महावीर मंदिर के पास से गया जिले के गुरुआ के वाजिदचक के रहने वाले मधुरेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया गया. इसके पास से 2 हजार रुपए के नोट के कुल 4 बंडल मिले. हर बंडल एक एक लाख रुपए का था. चौंकाने वाली बात ये है कि अधिकांश नोट का सीरियल नंबर एक ही था. नक्सली जाली नोट के कारोबार को बहुत तेजी से फैलाना चाहते हैं. इसलिए वो काफी तेजी से मार्केट में जाली नोट की सप्लाई कर रहे हैं. मधुरेंद्र से पुलिस की टीम ने लंबी पूछताछ की. जिसमें पता चला कि वह 4 लाख का जाली नोट पहुंचाने आया था. 2लाख रुपए के असली नोट लेकर उसे 4 लाख रुपए के जाली नोट देना था. जाली नोट का धंधा इसी आधार पर चल रहा है.