इनर रिंग रोड पर 22 महीने से मुआवजे की मांग के लिए चल रहा था धरना

पत्थर चलने से गाड़ी टूटी, लेखपाल के हाथ में हुआ फ्रैक्चर

आगरा. ताजगंज के गांव गुतला में अपनी जमीन के मुआवजे के लिए धरने पर बैठे किसानों को गुरुवार की शाम पुलिस की लाठी का सामना करना पड़ा. प्रशासन की टीम जमीन पर कब्जा दिलाने पहुंची थी. उसी दौरान पत्थर चलने पर पुलिस ने लाठी चला दी. इस घटना में लेखपाल घायल हो गए. पुलिस ने मौके से दो-तीन लेागों को पकड़ा है.

22 महीने से धरने पर बैठे हैं किसान

इनर रिंग रोड पर किसान 13 दिसम्बर 2016 से मुआवजे की मांग के लिए धरना दे रहे हैं. किसानों को उस समय दिया गया मुआवजा नाकाफी था इसके चलते उन्होने मुआवजा नहीं लिया. वह जमीन की अच्छी कीमत चाहते हैं. मुआवजा न मिलने पर किसान प्रशासन के खिलाफ हो गए और धरना शुरु कर दिया. तब से अब तक किसानों को धरना करते हुए 22 महीने बीत गए लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई. धरने में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं.

कब्जा दिलाने पहुंची थी टीम

गुरुवार की शाम प्रशासन की टीम सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम सदर, सीओ सदर मय फोर्स के पहुंचे थे. टीम ने मौके पर जाकर बात की. इस पर किसान मान भी गए. इसके बाद इनर रिंग रोड पर काम शुरु हुआ तो किसान फिर भड़क गए. उन्होने बोला कि जहां काम शुरु किया जा रहा है वहां का मुआवजा नहीं दिया गया है. इसके बाद किसान फिर से धरने पर बैठ गए.

पत्थर के बाद चली लाठी

पुलिस ने धरने पर बैठने वाले किसानों का हटाया तो पथराव हो गया. एक पत्थर प्रशासन की गाड़ी पर लगा और लेखपाल रविंद्र कुमार के हाथ पर लगा जिससे वे चोटिल हो गए. इसी के बाद पुलिस ने लाठी चला दी. लाठी चलने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई. इसके बाद भी किसान पुलिस व प्रशासन से उलझते रहे. पुलिस को बार-बार लाठी चलानी पड़ी. पुलिस ने मौके से दो-तीन लोगों को पकड़ा है. घायल लेखपाल को उपचार के लिए एसएन इमरजेंसी लाया गया.

मीटिंग के बाद हुए थे आदेश

कमिश्नर अनिल कुमार ने इस संबंध में बुधवार को अधिकारियों के साथ मीटिंग थी. कमिश्नर ने बची हुई जमीन को कब्जे में लेने के निर्देश दिए थे. प्रशासन की टीम इन निर्देशों के पाल में गुरुवार को ताजगंज के गांव गुतला पहुंची थी.