आगरा. कई बार एटीएम में ट्रांजेक्शन के बाद कैश नहीं मिलता या मशीन हैंग हो जाती है, कैंसिल बटन दबाने पर भी ट्रांजेक्शन जारी रहता था. ये पूरी कारिस्तानी इस गैंग की एक चाल होती है. शातिरों ने आम लोगों को चपत लगाने के लिए तीन तरीके ईजाद कर रखे थे.

सुलोचन का करते हैं यूज

शातिर सबसे पहले बिना गार्ड के एटीएम की तलाश करते हैं. इसके बाद वहां कैंसिल बटन पर बार-बार गम या सुलोचन डाल कर उसे जाम कर देते हैं. इसके बाद जब भी कोई रुपये निकालने आता है, तो कैंसिल बटन दबाने पर पर भी ट्रांजेक्शन समाप्त नहीं होता. लोग रुपये निकाल कर बाहर चले जाते हैं. शातिर इसका फायदा उठाते हुए केबिन में जाते हैं और फिर से ट्रांजेक्शन कर रुपये निकाल लेते हैं.

क्लियर बटन से मशीन करते हैं हैंग

शातिर केबिन के अंदर मदद के नाम पर लोगों को निशाना बनाते हैं. वह पहले ही कैंसिल बटन को कई बार दबा देते हैं, जिससे मशीन कुछ देर के लिए हैंग हो जाती है. इसके बाद मदद के नाम पर लोगों का कार्ड एटीएम मशीन में डालते हैं और उससे पासवर्ड डालने को बोलते हैं. इसके बाद भी रुपये नहीं निकलते. लोग परेशान होकर चले जाते हैं, लेकिन शातिर मशीन के ठीक होने का इंतजार करते हैं. मशीन ठीक होते ही डीटेल पहले से उसमें होती है, उसी से ट्रांजेक्शन कर लेते हैं.

उंगलियों की चाल से पता करते हैं पासवर्ड

लोग जैसे ही केबिन में जाते हैं, गैंग का एक सदस्य उसके पीछे चला जाता है. लोग हाथ बचाकर भी पासवर्ड डालें, लेकिन गैंग उंगलियों की चाल से पासवर्ड जान जाते हैं. इसके बाद रुपये निकालने के लिए मदद का झांसा देते हैं. कार्ड मशीन में डालते हैं और बड़ी सफाई से कार्ड चेंज कर दूसरा कार्ड थमा देते हैं. बाद में पार किए गए कार्ड से रुपये पार कर देते हैं. कैंसिल बटन खराब करने के लिए पिन भी घुसा देते हैं, जिससे बटन काम नहीं करता.