- पुलिस ने तीन छात्रों को पकड़ा, पूछताछ में कबूला

- शहर में ताबड़तोड़ वारदात को अंजाम दे रहे थे बाइकर्स

आगरा. दोस्त से हुई मोबाइल लूट की घटना ने छात्रों का जिंदगी बदल दी. अब तक पढ़-लिखकर जो अपना कॅरियर संवारने का सपना देख रहे थे, वह अब गैंग बनाकर अपराध के दलदल में फंस चुके थे. शहर में ताबड़तोड़ छिनैती को अंजाम दे रहे थे. पूर्व में पुलिस के हाथ गैंग का एक सदस्य लगा, बाकि दो को पुलिस ने अब दबोच गैंग का पर्दाफाश किया.

पकड़ में नहीं आया था बदमाश

पुलिस ने दो किशोर पकड़े हैं. दोनों ही ग्रेजुएशन कर रहे हैं और थाना एत्माद्उद्दौला क्षेत्र के रहने वाले हैं. उनसे पूछताछ में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई. बताया कि एक लूट की घटना से प्रेरित हैं. फरवरी में उनके एक साथी का बाइक सवार बदमाश ने मोबाइल लूट लिया. तमाम कोशिश के बाद भी बदमाश नहीं मिला. बस इसी वारदात ने छात्रों को अपराध की ओर धकेल दिया. तीनों ही बाइक से फर्राटा भरने में एक्सपर्ट थे.

मिलकर बना लिया गैंग

छात्रों को लगा कि मोबाइल लूटना बहुत आसान है. चूंकि दोस्त का मोबाइल लूटने वाले बदमाश का कुछ पता नहीं लगा था. छात्रों ने पता किया कि आखिर चोरी का मोबाइल कहां बेचा जा सकता है. इसके बाद उन्होंने गैंग बना लिया. छात्र बाइक पर जाते और झपट्टा मारकर मोबाइल लूट लेते. वह कभी किसी के हाथ नहीं लग सके.

ऐसे पकड़ में आया गैंग

14 अगस्त को कमलानगर में बाइक सवार बदमाश ने एक महिला का मोबाइल लूटा था. उस दौरान एक बदमाश पब्लिक के हाथ लग गया. पुलिस ने जब मामले की पड़ताल की तो ये नया गैंग प्रकाश में आया. पुलिस के मुताबिक गैंग में सभी नाबालिग हैं. दो छात्र बीए व एक बीकॉम का है. पुलिस ने इनके पास से 6 मोबाइल बरामद किए हैं. मोबाइल लूटने के अलावा छात्रों ने बड़ा हाथ मारने का प्लान भी बनाया. उन्होंने मई में थाना छत्ता क्षेत्र से महिला की चेन लूटी. इसी के बाद वह लूट के बड़े प्लान तैयार कर रहे थे.

पकड़े जाने पर थे नॉर्मल

जब पुलिस ने इन छात्रों को पकड़ा तो भी इनके माथे पर शिकन तक नहीं थी. उनका पूरा कॅरियर उनकी इस हरकत से चौपट हो चुका था. लेकिन उनको इस बात की नहीं थी. वह पुलिस के सामने अपना गुनाह कबूल कर रहे थे. तीनों बाइक पर फर्राटा भरने में एक्सपर्ट हैं.