आगरा. फातिमा को 10 हजार नकली करेंसी खपाने की एवज में तीन से पांच हजार रुपये मिलते थे. नोटबंदी के दौरान अनारुल इस्लाम एक महीने तक फातिमा के घर रुका था. इस दौरान उसने लाखों की नकली करेंसी खपाई. खुद के पकड़े जाने के डर से उसने आगरा में करोड़ों रुपये की नकली करेंसी जलाई थी. इस काम में फातिमा ने उसकी मदद की थी.

आगरा से हो रहा था नकली नेटवर्क का संचालन

बांग्लादेश के चपई नवाबगंज जिले में शिवगंज थाना क्षेत्र के खुरियाल गांव निवासी 50 वर्षीय अनारुल इस्लाम भारत में नकली नोटों के नेटवर्क का सरगना है. जनवरी 2016 को वेस्ट बंगाल में बांग्लादेश के मालदा के थाने कालिया चक में आठ लाख के नकली नोटों के साथ पकड़ा गया था. उससेपांच सौ और एक हजार के नोट बरामद किए थे. फरवरी 2016 में एनआईए ने जांच अपने हाथों में ले ली. दिल्ली में मुकदमा दर्ज कर आरोपी अनारुल को रिमांड पर लिया था. उसने जांच एजेंसी को बताया कि वह अक्टूबर 2015 में फातिमा के घर एक महीने रुका था.

ऐसे खपाती थी नकली करेंसी

सुशील नगर में फातिमा उर्फ लीची सब्जी बेचने का काम करती थी. एनआईए के सूत्रों के अनुसार वह बांग्लादेश से आने वाले नकली नोटों को सब्जी मंडी में आने वाले किसानों को व अन्य दुकानदारों को सप्लाई कर देती थी. नवंबर में नोटबंदी के दौरान नकली करेंसी को चलाने के लिए बस्ती की महिलाओं को प्रलोभन दिया. महिलाओं से बैंक में करेंसी को जमा कराने का प्रयास किया, लेकिन उसको सफलता नहीं मिल सकी. इसके बाद उसने नकली करेंसी के लाखों रुपयों को घर में ही जला दिया. एनआईए फातिमा के खातों की जांच कर रही है. सूत्रों के अनुसार उसके बैंक एकाउंट में लाखों रुपये की करेंसी जमा है.

एजाज भी कर चुका है रेकी

दिसम्बर 2015 में मेरठ में पकड़े गए पाक जासूस एजाज ने जांच एजेंसियों की पूछताछ में ये खुलासा किया था कि उसने आगरा में रहकर जासूसी की थी. इस दौरान वह ताज के पास एक होटल मे रहा था. उसने यहां रहकर ताजमहल, हिंडन एयरबेस, आगरा एयरपोर्ट समेत कई महत्वपूर्ण मॉन्यूमेंट की रेकी की थी. जब आगरा में एक्सप्रेस-वे पर लड़ाकू विमान लैंड हुए थे, जब एजाज आगरा में मौजूद था.