अभी भी वांछित शातिर की पुलिस कर रही है तलाश

आगरा. लंबे समय से पुलिस की पकड़ से दूर चल रहे शैलेंद्र अग्रवाल की करतूत में बराबर का हिस्सेदार बनने वाला उसका साला शैलेंद्र पुलिस के हाथ लगा है. पुलिस ने शैलेंद्र को उसके घर से पकड़ा है. बहनोई की तरह साले पर भी धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज हैं. पुलिस उसे जेल भेजने की तैयारी कर रही है.

दो दर्जन से अधिक केस दर्ज

थाना न्यू आगरा पुलिस को बल्केश्वर में शैलेंद्र अग्रवाल के साले शैलेंद्र के होने की जानकारी मिली. धोखाधड़ी के खेल में जीजा-साले बराबर के हिस्सेदार हैं. पुलिस ने 13 सितम्बर को शातिर शैलेंद्र अग्रवाल को किशन नगर, बल्केश्वर, न्यू आगरा से अरेस्ट किया है. पुलिस के मुताबिक शातिर के खिलाफ थाना सिकंदरा, न्यू आगरा, हरीपर्वत आदि में दो दर्जन से अधिक मुकदमे पंजीकृत हैं. लोगों के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की गई है.

प्रोजेक्ट बनाकर चलता था चाल

पुलिस के मुताबिक यह एक संगठित गिरोह है. ये शातिर लोग विभिन्न प्रकार के प्रोजेक्ट बनाते हैं जिसमें लोगों को प्रलोभन दिया जाता है. साथ ही जमीन खरीदने के दौरान लोगों को प्रलोभन दिया जाता है कि बैंक से लोन करा देंगे. दस्तावेज जमा करा कर चेकों को अपने कब्जे में लेकर धनराशि प्राप्त कर लेते हैं और उस जमीन को किसी दूसरे व्यक्ति को दिखा कर उसके साथ भी वैसा ही करते हैं और जमीन तीसरे व्यक्ति को बेच देते हैं.

नहीं दिया पजेशन, बैंकों को धोखा

शातिरों के गैंग ने सिकंदरा, शास्त्रीपुरम, ताजनगरी आदि में कई प्रोजेक्ट शुरु किए. प्रोजेक्ट में कई सौ फ्लैट बने हुए हुए हैं. लोगों से रुपया तो लिया गया, लेकिन पजेशन नहीं दिया. इस तरह से सैकड़ों लोग इनके शिकार हुए. साथ ही इन लोगों ने सीधेसाधे लोगों के अलावा बैंकों को भी धोखा दिया है.

धूल फांक रहे केस

पांडव नगर शाहगंज निवासी शैलेंद्र अग्रवाल ने बिल्डिंग प्रोजेक्ट के खेल में जाने कितने लोगों को चूना लगाया है. अधूरे प्रोजेक्ट पर पूरी वसूली कर लोगों का फ्लैट अलॉटमेंट अटका दिया. विभिन्न थानों में दर्ज धोखाधड़ी के मुकदमे धूल फांक रहे हैं. अब जाकर पुलिस ने उसके साले को अरेस्ट किया है. अब भी शैलेंद्र की तलाश जारी है.