सभी थानों ने अपने-अपने एरिया में चलाया अतिक्रमण अभियान

कड़े एक्शन का दूसरे दिन ही दिखने लगा रंग

आगरा. फोर्ट चौकी पर एसएसपी की बड़ी कार्रवाई का असर बुधवार को पूरे शहर में देखने को मिला. कप्तान ने एक साथ 17 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर महकमे में हलचल मचा दी. दूसरे दिन सभी खुद ही थाना, चौकी छोड़ रोड पर उतर आए और अतिक्रमण अभियान छेड़ दिया इसके अलावा ट्रैफिक व्यवस्था पर भी ध्यान दिया. जिसे देखकर लोगों ने कहा कि काश पुलिस हमेशा इसी तरह काम करती, तो लोग परेशान न होते.

खुद जाकर किया था निरीक्षण

एसएसपी ने पहले खुद जाकर कई थाना क्षेत्रों में निरीक्षण किया. तिराहों, चौराहों की समस्या को देखा. इसके बाद अधीनस्थों को निर्देशित किया. एसएसपी ने खुद जाकर अतिक्रमण अभियान चलाया. यहां तक की एमजी रोड पर वे खुद क्रेन के साथ-साथ चले और अतिक्रमण को चिह्नित कर गिरवा दिया. जिले को जाम और अतिक्रमण मुक्त कराने का संकल्प लिए एसएसपी ने सभी को कड़े निर्देश दिए थे कि फिर से न जाम लगे और न अतिक्रमण न होने पाए.

चौराहा बिगाड़ने पर गिरी गाज

मंगलवार को एसएसपी ने पूरी फोर्ट चौकी को लाइन हाजिर कर दिया. एसएसपी ने एक महीने पहले बिजलीघर चौराहे पर अभियान चला कर अतिक्रमण हटवाया था. इसके बाद सभी को फिर से अतिक्रमण न होने की चेतावनी दी. कुछ दिन तो चौराहा ठीक चला पर धीरे-धीरे फिर से वही हालात हो गए.

शहर से देहात तक पड़ी मार

एसएसपी के चाबुक का असर मात्र शहर में ही नहीं बल्कि देहात में भी देखने को मिला. शहर में थाना न्यू आगरा, एत्माद्उद्दौला, सिकंदरा, सदर, रकाबगंज, शाहगंज, लोहामंडी आदि के अलावा शमसाबाद, फतेहाबाद के अलावा कई थानों में अभियान चला कर अतिक्रमण हटवाया व ट्रैफिक व्यवस्था को भी ठीक किया.

बिजलीघर दिखा खुला-खुला

अब से पहले बिजली घर की हालत बहुत खराब थी. यहां पर वाहन गलत तरीके से खड़े होते थे और रही सही कसर अतिक्रमण से पूरी हो जाती थी. यहां पर कोई भी वाहन ठीक से नहीं निकल सकता था. एसएसपी के एक्शन के बाद यहां पर बड़ा बदलाव नजर आया है. अतिक्रमण तो हटा ही साथ ही ऑटो को आगरा किला व पोस्ट ऑफिस के पास लाइन से लगाया गया जिससे कि चौराहे पर जाम न लगे.

मुहिम को मिली थी सराहना

एसएसपी अमित पाठक ने आते ही हैलमेट का अभियान शुरु कर दिया था. एसएसपी ने नो हैलमेट नो एंट्री का नियम बना दिया. सबसे पहले कलेक्ट्रेट से इसकी शुरुआत हुई फिर पुलिस लाइन में लागू किया गया. इसके बाद हर सरकारी विभाग ने इसे लागू किया. सिटी के हर व्यक्ति को हेलमेट पहनाने का पूरा क्रेज एसएसपी को जाता है. उनकी इस मुहिम की सराहना लखनऊ में की गई. यहां तक कि उन्हें वहां पर बुला कर इस पर चर्चा की गई.