- खराब हैं स्पीड मीटर, नहीं हो रहे चालान

-90 प्रतिशत हादसों की वजह है ओवर स्पीड

-वाहनों की गति सीमा को लेकर अलग-अलग हैं नियम

Meerut . अगर कोई नेशनल या स्टेट हाइवे पर 120 से 140 किमी प्रति घंटा की स्पीड से गाड़ी चला रहा है तो ट्रैफिक पुलिस के पास उस वाहन की स्पीड मापने का कोई यंत्र नहीं है. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के आंकड़े कहते हैं कि हाई या ओवर स्पीड के कारण ही 90 प्रतिशत सड़क हादसे हाेते है.

मापी जाए स्पीड

नेशनल हाइवे को छोड़कर अगर स्टेट व शहर में भीतर दौड़ रहे वाहनों की ट्रैफिक पुलिस स्पीड रडार से उनके वाहनों की चेकिंग करना शुरू कर दे तो हाई स्पीड पर वाहन चलाने वालों पर काबू पाया जा सकता है. सड़क हादसों में भी कमी हो सकती है.

दो स्पीड रडार, वो भी खराब

मेरठ ट्रैफिक पुलिस के पास कहने को तो हाईटेक ट्रैफिक कंट्रोल रूम है. एंजिल व ट्रेमों बाइक समेत कई संसाधन है, लेकिन उनके पास वाहनों की स्पीड मापने का रडार नहीं है. टीआई दीन दयाल दीक्षित का कहना है कि उनके पास दो स्पीड मापने के रडार है जो पिछले दिनों से खराब पड़े हुए है.

ओवर स्पीड से हादसे

नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के आंकड़ों के हिसाब से सड़क हादसों का ग्राफ नेशनल व स्टेट हाइवे पर चलने वाले हाई स्पीड के वाहन बढ़ा रहे है. जब हाई स्पीड में दौड़ने वाले वाहनों की टक्कर होती है तो बचाव के बहुत कम रास्ते होते है. इस कारण आमने-सामने की टक्कर से दोनों वाहनों में सवार लोगों की मौत हाेती है.

110 की थी स्पीड

ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक दिल्ली रोड ईरा माल पर दो दिन पहले पांच लोगों को कुचलने वाले कंटेनर की स्पीड करीब 110 किमी प्रति घंटा के हिसाब से होगी. जिससे पांच लोग मौत के मुंह में समा गए थे.

नहीं हुआ ओवर स्पीड में चालान

ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के हिसाब से गत् छह महीने में एक भी ओवर स्पीड वाहन चलाने पर कोई चालान नहीं हुआ है. चालान होता भी कैसे, ट्रैफिक पुलिस के पास स्पीड नापने का कोई यंत्र हीं नहीं है.

इतना होता है चालान

टीआई दीन दयाल दीक्षित ने बताया कि ओवर स्पीड में चलाने वाले वाहनों का चालान पहली बार में 400 रुपये होता है. अगर दोबारा से वहीं, गाड़ी हाई स्पीड में चलती हुई पकड़ी गई तो उसका चालान एक हजार रुपये होता है.

सड़क हादसे के आंकड़े

- 419 सड़क हादसे हुए हैं 1 अगस्त 2017 से 31 अगस्त 2018 तक

- 31 लोगों की सड़क हादसों में मौत हो चुकी है कि 1 से 31 अगस्त तक

- 49 सड़क हादसे हो चुके हैं एक महीने में ओवर स्पीड के कारण

- 4 गुना बढ़ जाता है कि ओवर स्पीड से हादसों का ग्राफ

क्या होनी चाहिए स्पीड

एसपी ट्रैफिक संजीव वाजपेई का कहना है एक्सप्रेस, नेशनल व स्टेट हाइवों पर वाहनों की स्पीड तय कर रखी है.

- एक्सप्रेस हाइवे - 100 किमी प्रतिघंटा

- नेशनल हाइवे - 80 किमी प्रति घंटा

- स्टेट हाइवे - 60 किमी प्रति घंटा

- शहर में - 20 किमी प्रति घंटा

भारी वाहन

- 30 किमी प्रति घंटा

वाहनों की स्पीड मापने के लिए आठ स्पीड रडार की मांग शासन से कर रखी है. शीघ्र ही रडार मिलते ही चेकिंग शुरू कर दी जाएगी.

संजीव वाजपेई, एसपी ट्रैफिक