PRAYAGRAJ: मौका-ए-वारदात के सीन और मृतक प्रमोद कुमार चौधरी व राखी के बदन पर लगी गोली के घाव ने कई सवाल खड़े कर दिये हैं। यह किसी के भी गले के नीचे नहीं उतर रहा है। आशंका जतायी जा रही है कि किसी तीसरे ने दोनों को गोली मारी और स्पॉट का सीन चेंज करके गुमराह करने की कोशिश की है।

बिस्तर पर सिर में कैसे मारी गोली

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रेखा को गोली सिर में ऊपर की तरफ बीच में लगी थी। इसके अलावा उसके बदन पर जख्म का कोई निशान नहीं था। शव जिस बेड पर मिला उसकी चद्दर पर ब्लड स्पॉट तो थे लेकिन उस पर कोई सिकुड़न नहीं थी। गोली लगने पर वह तड़पती जरूर और इसके निशान चद्दर पर मिलते। दूसरे, महिला का सिर दीवार से इतना दूर नहीं था कि कोई तमंचा सटाकर सिर के बीचो-बीच गोली चला सके। इससे संकेत मिले कि गोली मारने के बाद उसे बिस्तर पर लेटा दिया गया हो।


सीने और माथे पर कैसे मारी गोली

प्रमोद के शरीर के जख्मी भी सुसाइड की तरफ इशारा नहीं करते। कमरे में बेड के पास प्रमोद तड़पते मिला था। स्पॉट पर जो तमंचा मिला उसके तीन खोखे स्पॉट पर थे। असलहा अवैध था और जिंदा कारतूस भी मिला। प्रमोद को सीने पर बाएं तरफ गोली लगी थी। तमंचे की लंबाई और प्रमोद के बाई तरफ सीने में लगी गोली सुसाइड की कहानी पर सवाल खड़े कर रही है। प्रमोद के माथे पर गहरे जख्म कैसे हुए? यह भी सवालों के घेरे में है। गोली लगने से गिरने के बाद चोट के निशान मान भी लें तो वह मुंह के बल न तो गिरा था और न ही कोई दूसरा संकेत मिला जिससे इस जख्म का कारण पात चले। उसने खुद किसी चीज से सिर पर प्रहार किया? इसका भी कोई निशान नहीं था। ये सवाल इशारा करते हैं कि कमरे में कोई तीसरा भी था।

बेटी का हो चुका था इंगेजमेंट, दामाद आया था मिलने

प्रमोद की बेटी दिव्या उर्फ गोल्डी का एंगेजमेंट हो चुका था। उसका होने वाला पति मीनल बैंक में जॉब करता है। घटना के वक्त वह भी कॉलोनी के दूसरे फ्लोर पर साले और होने वाली पत्‍‌नी के साथ ही था। मीनल की मानें तो गोली की आवाज जैसे ही आई, ऐसा लगा कोई महिला कह रही हो कि सोनार गोली मार दिया। अफरा-तफरी में वे इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दे सके। वह साले के साथ भाग कर नीचे आया। इससे सवाल उठा कि कौन थी वह महिला जिसने सोनार का नाम लिया और सोनार कौन था।

शादी को लेकर चल रहा था झगड़ा

सूत्रों का कहना है कि दिव्या की शादी तय हो जाने के बाद राखी दबाव बना रही थी कि प्रमोद उसे पत्‍‌नी का दर्जा दे दे। प्रमोद शायद इसके लिए तैयार नहीं था। प्रथम दृष्टया पुलिस इसी को सही मानकर हत्या और फिर सुसाइड पर काम कर रही है।