क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ ट्ठ वेलेंटाइन डे आ पहुंचा है. गुरुवार को जहां एक तरफ प्रेमी जोड़े एक दूसरे से मिलने की जुगत लगा रहे हैं वहीं, दूसरी तरफ विरोधी गुट भी हार मानने को तैयार नहीं हैं. इस दिन को जहां प्रेमी जोड़े अपने प्यार के साथ गुजारना चाहते हैं तो कई संगठनों की राय है कि यह पाश्चात्य संस्कृति को बल देने की बात है इसलिए इसका विरोध किया जाना चाहिए. इधर, तीसरा पक्ष यानी पुलिस पर भी परेशानियों के बादल मंडरा रहा है. पार्क, डैम व रेस्टोरेंट्स आदि ऐसे स्थान जहां प्रेमी जोड़े आ सकते हैं वहां की सुरक्षा बढ़ाई जा रही है. विदित हो कि वेलेंटाइन डे को लेकर पुलिस ने सभी संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रही है.

हिंदू संगठनों का विरोध

वेलेंटाइन डे का जोर- शोर से विरोध करने में ज्यादातर हिंदू संगठनों का नाम सामने आता है. इसे पाश्चात्य संस्कृति की कुव्यवस्था बताते हुए हर साल इस दिन लवर्स के मीटिंग प्लेस पर धावा बोला जाता है और उन्हें खदेड़ा जाता है. वैलेंटाइन डे मनाने वालों को करारा सबक सिखाने के उनकी लाठी - डंडों से पिटाई करने से भी वे बाज नहीं आते हैं.

शिवसेना ने किया किनारा

शिवसेना के प्रदेश महासचिव संदीप मुखर्जी ने बताया कि संगठन विगत तीन साल से इस मामले से किनारा कर लिया है. वेलेंटाइन डे पर वे प्रेमी जोड़ों को किसी तरह से परेशान नहीं कर रहे हैं. संगठन का मानना है कि प्रेमी युगलों में ज्यादातर युवा होते हैं जिनकी लाठी डंडे से पिटाई करना कहीं से उचित नहीं है.

पकड़े गए तो बुलाए जाएंगे पैरेंट्स

सूत्र बताते हैं कि विरोधियों के गुट को गुरुमंत्र भी दे दिया गया है कि इस बार लड़के लड़कियों को पकड़कर उनके मां बाप को उसी स्थान पर बुलाया जाएगा तभी प्रेमी युगल को छोड़ा जाएगा. संगठन के लोग अभी पूरी तरह रणनीति का खुलासा तो नहीं कर रहे हैं, लेकिन उनका यह साफ तौर पर कहना है कि इस बार वैलेंटाइन डे मनाने वालों को करारा सबक सिखाया जाएगा.

परिवार के साथ भी निकलना मुश्किल

लोगों का कहना है कि इस दिन परिवार के साथ कहीं बाहर जाना भी मुश्किल होता है. हर जगह हुड़दंग होता है और लोगों के गाली गलौज और मारपीट के बीच परिवार के काफी परेशानी होती है. वहां, नवविवाहितों का कहना है कि कई बार ऐसे हुड़दंगी लोग शादी का भी प्रमाण मांगने लगते हैं जो सार्वजनिक स्थानों पर बहुत ही खराब लगता है.