विरोध के कारण अधर में विद्युत विभाग का स्मार्ट मीटर अभियान

पुराने मीटर की जांच में खुल रहा बिजली चोरी का इतिहास

Meerut. विद्युत विभाग का स्मार्ट मीटर अभियान एक तरफ जहां बिजली चोरों के लिए आफत साबित हो रहा है, वहीं दूसरी ओर इस अभियान में विद्युत चोरों की मनमानी बाधा बनकर सामने आ रही है. स्मार्ट मीटर लगाने के लिए विकासपुरी में चलाए जा रहे अभियान के दूसरे दिन भी लोगों के विरोध के चलते अभियान ठप हो गया. अभियान के दौरान उपभोक्ताओं ने मीटर में शंटिंग और अन्य खराबी की जानकारी तो दी लेकिन पुराने मीटर को ओके दिए बिना नया स्मार्ट लगाने से मना कर दिया. इस बात पर विभागीय अधिकरियों और क्षेत्रीय लोगों के बीच गहमागहमी के बाद विभाग का अभियान अधर में ही रुक गया.

महज डेढ़ दर्जन मीटर लगे

लिसाड़ी गेट फीडर विद्युत विभाग के लिए सबसे अधिक लाइन लॉस का एरिया है. इस फीडर से जुडे क्षेत्र में सबसे अधिक बिजली चोरी सामने आती है. इसलिए विभाग की प्राथमिकता लिसाड़ीगेट फीडर के क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने की है. इस क्रम में सबसे पहले विकासपुरी से विभाग ने अभियान शुरु किया लेकिन विकासपुरी में ही विभाग का अभियान अधर में अटका है. अभियान के पहले दिन मात्र 10 स्मार्ट मीटर और कांच का पुल क्षेत्र में दूसरे दिन मात्र 15 स्मार्ट मीटर विभाग लगा सका. बाकी अभियान उपभोक्ताओं के विरोध के चलते अधर में सिमट गया.

ओके स्लिप को लेकर विवाद

क्षेत्रीय लोग स्मार्ट मीटर के बदले में अपने पुराने मीटर को तुरंत ओके घोषित करने की मांग कर रहे हैं जबकि विभाग का कहना है कि लैब में मीटर की जांच के बाद ओके डिक्लेयर किया जाएगा. यदि शंटिंग मिली तो उपभोक्ता के खिलाफ एफआईआर भी होगी जुर्माना भी वसूला जाएगा. इस शर्त के विरोध में लिसाड़ीगेट क्षेत्र में उपभोक्ताओं का विरोध शुरु हो गया है.

अब फोर्स की निगरानी

लिसाड़ी गेट में स्मार्ट मीटर के बढ़ते विरोध को देखते हुए विद्युत विभाग अब अपनी कवायद को आगे बढ़ाने के लिए पुलिस फोर्स के साथ अभियान को आगे बढ़ाने की योजना बना रहा है. बुधवार को हुए विरोध के बाद अधिशासी अभियंता ने अभियान को पूरा कराने के लिए विद्युत विभाग की टीम के साथ पुलिस फोर्स की मांग की है.

विकासपुरी क्षेत्र में उपभोक्ता खुद यह बता तो रहे हैं कि मीटर में शंटिंग है लेकिन शमन देने से मना कर रहे हैं और बिना जांच के ओके का दबाव बना रहे हैं यह संभव नही है. नियमानुसार काम होगा इसके लिए अब फोर्स की मांग की गई है.

संजय शर्मा, ईएक्सईएन