- ग्रोवर दंपत्ति हत्याकांड, लताकुंज डकैती की फिर खुल सकती है फाइल

- डीआईजी ने अपराध नियंत्रण के लिए रेंज के अधिकारियों की ली बैठक

आगरा. वारदात के वर्षो बाद भी खुलासे का इंतजार कर रहे केसों की दोबारा तफ्तीश की जा सकती है. नवागत डीआईजी रेंज लव कुमार ऐसे मामलों की जानकारी जुटा रहे हैं. इन केसों की फाइल स्टडी कर ये देखा जाएगा कि आखिर किस वजह से खुलासा नहीं हो सका. जरूरत होने पर दोबारा जांच भी कराई जाएगी. गौरतलब है कि ग्रोवर दंपत्ति, लताकुंज डकैती आदि शहर की बड़ी वारदातों का अब तक खुलासा नहीं हो सका है.

कई घटनाओं पर अब भी पड़ा है पर्दा

सिटी में कई ऐसी वारदातें हुई, जिन पर अभी भी पर्दा पड़ा हुआ है. पुलिस इन्हें सुलझाने में नाकाम रही. 15 नवंबर 2015 को खंदारी हनुमान चौक निवासी लेदर कारोबारी अवनीश ग्रोवर व उनकी पत्नी ऊषा ग्रोवर की नृशंस हत्या कर दी गई. पुलिस ने कई बार जांच की, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा.

अधिकारियों की ली बैठक

डीआईजी ने मंगलवार को आगरा, मथुरा, मैनपुरी, फीरोजाबाद के अधिकारियों की मीटिंग रेंज कार्यालय पर ली. मीटिंग में रेंज से जुड़े अपराधों पर विस्तृत चर्चा हुई. डीआईजी रेंज ने सभी से अपने-अपने जिले में हो रही वारदातों का विवरण मांगा, जिससे उनकी रोकथाम के लिए प्लान बनाया जा सके.

वारदात के तरीके पर चर्चा

मीटिंग में जिलेवार अलग-अलग प्रकार के अपराधों पर बात हुई. इनमें अपराध करने का तरीका और अपराध का समय देखा गया. चेन स्नैचिंग जैसी घटनाएं अधिकतर शाम को या दोपहर के सन्नाटे में होती हैं. इसके अलावा चोरी की घटनाओं को देखा गया. इसमें चोरी के तरीकों पर विशेष ध्यान देने की बात कहीं गई. अधिकारी अपने जिले में हुई लूट, हत्या, डकैती, रेप, अपहरण, चोरी आदि वारदातों की सूची तैयार कर रिपोर्ट सौपेंगे. सूची में अपराध की संख्या भी दी जाएगी. साथ ही अपराध का तरीका भी देखा जाएगा.

नए प्लान से लगेगा अंकुश

डीआईजी रेंज लव कुमार के मुताबिक अपराध बिंदुओं को देखा जाएगा. अपराध और अपराध करने के तरीकों को लेकर उसी तरह का नया प्लान तैयार किया जाएगा, जिससे कि अपराध पर अंकुश लगाया जा सके. अलग-अलग जनपदों से अपराधों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं.

एरिया भी होंगे चिन्हित

रेंज में उन एरिया पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जहां पर घटनाएं सबसे अधिक हुई हैं. बदमाश अधिकतर ऐसे एरिया में वारदात करते हैं, जो उनके लिए आसान हो और वह वहां से आसानी से भाग सकते हों.

रिपोर्ट दर्ज न करने पर होगी कार्रवाई

कई मामलों में पुलिस एफआईआर करने से बचती है. डीआईजी रेंज के मुताबिक यदि किसी भी थाने में पीडि़त की शिकायत दर्ज न करने की शिकायत आती है, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी.