कॉलेज के छात्र भी लगे हैं हिंदी पर रिसर्च करने में

लाइब्रेरी में आने वाले लोग व छात्रों में सबसे ज्यादा हिंदी पढ़ने वाले

Meerut. हर साल 14 सिंतबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है. वही कुछ लोग हिंदी दिवस पर हिंदी को लेकर तमाम तरह की चिंता जताते हैं. हालांकि राजकीय पुस्तकालय के विभागाध्यक्ष राकेश निमेकर का कहना है कि हिंदी को लेकर किसी को अब चिंता करने की जरुरत नही है. दरअसल अब लोगो हिंदी पर रिसर्च करने के साथ-साथ पुस्तकालय में अपने हिंदी के ज्ञान को बढ़ाने के लिए भी आते हैं. पुस्तकालय में दिनभर छात्रों व आम लोगों हिंदी की किताबें पढ़ते देखा जा सकता है.

सभी तरह की पुस्तकें

शहर में स्थित राजकीय पुस्तकालय में सुबह से ही छात्रों का तांता लगा रहता है. दिनभर में करीब 200 से अधिक बच्चें पुस्तकालय में आते हैं, जिसमें से ज्यादातर मेंबरशिप द्वारा जुडे़ हुए हैं. वहीं पुस्तकालय विभाग अध्यक्ष राकेश निमेकर ने बताया कि पुस्तकालय में अभी तक 6209 लोगों का मेंबरशिप कार्ड बना हुआ है. इसके अलावा शहर के आसपास रहने वाली जगहों से भी बच्चे यहां पढ़ाई करने अाते हैं.

500 रुपये में मेंबरशिप

राजकीय पुस्तकालय में 500 रुपये सिक्योरटी के रूप में जमा करया जाते हैं. जिसमें 100 रुपये वार्षिक शुल्क के रूप में लिए जाते हैं जबकि 400 रुपये एक साल पर मेंबरशिप खत्म होने के बाद छात्र को वापस कर दिए जाते हैं. पुस्तकाल्य से पढ़ने के लिए एक कार्ड पर केवल दो किताबें 15 दिनों के लिए दी जाती हैं.

मिल रहा हिंदी ज्ञान

इस्माल पीजी कॉलेज के हिंदी विभाग की एचओडी डॉ. दीपा त्यागी के मुताबिक इस्माल पीजी कॉलेज में इस समय हिंदी के साथ 650 से भी अधिक छात्राएं बीए और करीब 35 से अधिक छात्राएं एम कर हिंदी को बढ़ावा देने में लगी हैं. यहीं नहीं कॉलेज में समय-समय पर गेस्ट लेक्चर के साथ निबंधन व काव्य की प्रतियोगिता का भी आयोजन होता रहता है. इस आयोजन के पीछे सबसे बड़ा हाथ छात्रों का ही होता है. हमारे यहां पर सभी प्रकार की हिंदी की किताबें व न्यूज पेपर आते हैं. छात्रों के लिए रोजाना एक पीरियड लाइब्रेरी के लिए रखा गया है. जिसमें छात्रों द्वारा कोई ना कोई रिसर्च होती रहती है.

लाइब्रेरी में सभी प्रकार की पुस्तक बहुत ही आराम से प्राप्त हो जाती है. तथा यहां पढ़ते में समय का भी पता नहीं चलता.

आमिर चौधरी

सुबह से यहां पर छात्रों व लोगों का आना शुरू हो जाता है. लाइब्रेरी में सब चीजें ठीक हैं. पंरतु सीट की कमी की वजह से कई बार लोगों को वापस जाना पड़ता है.

राहुल कुमार

सरकार द्वारा समय-समय पर पुरानी पुस्तक का नया संस्करण भेजा जाना बेहद लाभदायक साबित होता है. राहुल