ऐसी अटकलें हैं भारतीय जनता पार्टी की अगुआई वाला एनडीए समर्थन के लिए अपने पुराने साथियों का रुख़ कर सकता है, इनमें ओडिशा का बीजू जनता दल (बीजद) और तमिलनाडु की एआईएडीएमके शामिल हैं.

हालांकि बीजू जनता दल के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने गठबंधन को लेकर अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं.

नवीन पटनायक ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "अभी कोई बात नहीं हुई है. अभी हमने कोई चर्चा नहीं की है. कुछ नहीं सोचा है."

बीजू जनता दल के एनडीए को समर्थन देने पर क़यास पार्टी के नेता प्रवात त्रिपाठी के बयान के बाद लग रहे हैं. प्रवात त्रिपाठी ने कहा था कि एनडीए को सशर्त समर्थन देने पर विचार किया जा सकता है.

'पटनायक लेंगे अंतिम फ़ैसला'

हालांकि बीजू जनता दल के सांसद जय पांडा ने कहा है कि इस मुद्दे पर अभी पार्टी में चर्चा की ज़रूरत है.

उन्होंने कहा, "राज्य विधानसभा में मुख्य सचेतक प्रवात त्रिपाठी ने कहा है कि सशर्त समर्थन पर सोचा जा सकता है. लेकिन ये ऐसा मुद्दा है जिस पर अभी पार्टी में चर्चा की ज़रूरत है. अंत में पार्टी के नेता और अध्यक्ष नवीन पटनायक अंतिम फ़ैसला लेंगे."

बीजू जनता दल 2009 तक भाजपा का सहयोगी दल था लेकिन 2009 में चुनाव से ठीक पहले उसने भाजपा से गठबंधन तोड़ लिया था.

चुनाव के बाद बनने वाली सरकार में तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता की अहम भूमिका पर भी अटकलें लगाई जा रही हैं.

'नतीजों का इंतज़ार'

गठबंधन पर बीजेडी में 'चर्चा नहीं',जयललिता चुप

जयललिता इससे पहले केंद्र में भाजपा की अगुआई वाली सरकार को समर्थन दे चुकी हैं. हालांकि जयललिता ने कहा है कि वो नतीजे आने तक इंतज़ार करना पसंद करेंगी.

उन्होंने कहा, "मैं 16 मई को नतीजों का ऐलान होने का देश के किसी आम नागरिक की ही तरह बेसब्री से इंतज़ार कर रही हूं. इसके अलावा अभी मैं कुछ नहीं कह सकती. नतीजों का ऐलान होने दीजिए. उसके बाद मैं टिप्पणी करूंगी."

इस बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा है कि जो दल एनडीए में आना चाहें उनका स्वागत है.

उन्होंने कहा, "जो दल एनडीए में आना चाहें उनके लिए दरवाज़े खुले हैं."

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