- पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, बरेली से सपा और आंवला से बसपा जीतेगी तभी आएंगे अच्छे दिन

BAREILLY :
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लगातार हमलों के बाद थर्सडे को रुहेलखंड में बारी महागठबंधन की थी। पहली बार मोर्चा संभालने उतरे सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बरेली के इस्लामिया इंटर कॉलेज मैदान की चुनावी जनसभा के दौरान अपने चिरपरिचित अंदाज में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री पर जमकर निशाना साधा। कहा कि हमारा गठबंधन महामिलावट नहीं महापरिवर्तन का है। जनता से मुखातिब होकर कहा-आप लोगों ने तय कर लिया है लिहाजा यह महागठबंधन 'चौकीदार' से चौकी छीनने वाला है।

ऐसी पतंग काटेंगे, मांझा भी ले जाएंगे

बरेली मंडल में पहली चुनावी रैली के दौरान सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निशाने पर प्रधानमंत्री सबसे ज्यादा रहे। जिस तरह से वे लगातार महागठबंधन पर कटाक्ष कर रहे हैं। लिहाजा पूर्व मुख्यमंत्री ने जवाब भी उन्हीं के अंदाज में दिया। बोले, मोदीजी ने 2014 की चुनावी रैली में दावा किया था कि चीन नहीं बल्कि बरेली का मांझा बिकेगा लेकिन, बात हवाई साबित हुई। पता नहीं पीएम कैसे पतंग उड़ा रहे थे। हम सपा वाले पतंग उड़ाना भी जानते हैं और काटना भी। इस बार ऐसे पेच लड़ाएंगे कि पतंग काटने के साथ मांझा भी ले जाएंगे। भाजपा वालों का भाषण शौचालय से शुरू होकर शौचालय पर ही खत्म होता है। इनके शौचालय में पानी नहीं होता है। वह कहते है कि यह चुनाव चौकीदार का भविष्य तय करेगा। लेकिन नया भारत तभी बनेगा जब नया प्रधानमंत्री बनेगा।

बाबा को कम दिखने लगा
इस दौरान उन्होंने योगी सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि बाबा की ठोको नीति ने ऐसा माहौल बना दिया है कि पुलिस लोगों को और लोग पुलिस को ठोक रहे हैं। बाबा अभी बरेली आए थे। बहुत कुछ गिना रहे थे। लगता है उन्हें धुंधला दिखाई पड़ रहा है। अब उन्हें बरेली के सुरमा की जरूरत है।

आरक्षण के सहारे साधे दलित
इस दौरान अखिलेश ने अपनी सरकार की उपलब्धियां भी गिनाई। आरक्षण के सहारे दलित वोटरों को साधने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि किसी को दस प्रतिशत का आरक्षण दिया जाए। इसका हम विरोध नहीं करते हैं। लेकिन जिस तरह से आप पहले पढ़कर लिखकर उंची जगह पर खड़े होते थे। उस तरह से अब नहीं खड़े हो सकते।