- हर चार दिन का देना होगा हिसाब, दस हजार से अधिक कैश लेन-देन नहीं

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PRAYAGRAJ: नेता जी ने शादी विवाह या लंगर में जाकर वोट मांगा तो समारोह का पूरा खर्च उनके खाते में जोड़ दिया जाएगा। प्रत्याशियों पर नजर रखने के लिए आयोग के आदेश पर जिला प्रशासन ने पूरी तैयारी कर रखी है। विभिन्न एप के जरिए आम नागरिक भी वीडियो फुटेज बनाकर आयोग से शिकायत दर्ज करा सकता है। प्रत्याशियेां को अपने चुनावी खर्च का ब्यौरा भी हर पांचवें दिन पेश करना होगा।

महंगा पड़ सकता है निमंत्रण
चुनावी सीजन में प्रत्याशी शादी-विवाह और लंगर के निमंत्रण को मिस नही करते हैं। क्षेत्रीय दावत में अधिक से अधिक लोग एक जगह मिल जाते हैं। उनसे इंटरैक्ट करना आसान हो जाता है। प्रचार का भी यह बेहतर माध्यम होता है। इसमें प्रत्याशी अपनी तरफ से कुछ न कुछ हेल्प भी करते हैं। अब ऐसा करना महंगा पड़ सकता है। वोट मांगते पाए जाने पर नेताजी को पूरा समारोह का खर्च वहन करना होगा। यह उनके खाते में जोड़ दिया जाएगा।

घट गई नकल की लिमिट

पिछले चुनाव तक प्रत्याशी बीस हजार रुपए तक का चुनावी लेन देन कर सकते थे

इसकी लिमिट घटाकर आयोग ने दस हजार रुपए कर दी है।

इससे अधिक होने पर कार्रवाई की जाएगी।

प्रत्याशी को प्रत्येक पांचवें दिन पिछले चार दिनों के खर्च का पूरा ब्यौरा प्रेक्षक को सौंपना होगा

ऐसा नही करने पर उनका नामांकन भी रद किया जा सकता है।

आयोग ने चुनावी खर्च की दरें भी निर्धारित कर दी हैं।

इन तारीखों को सबमिट करें ब्योरा

फूलपुर- 30 अप्रैल, 4 मई और 9 मई

इलाहाबाद- 1 मई, 5 और 10 मई

26 को प्रत्याशियों को देंगे ट्रेनिंग
चुनावी खर्च और आचार संहिता के पालन को लेकर 26 अप्रैल को प्रत्याशियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। इसमें प्रेक्षक सहित जिला निर्वाचन अधिकारी, आरओ व एआरओ आदि उपस्थित रहेंगे। इसमें बताया जाएगा कि प्रत्याशियों को कैसा आचरण करना चाहिए।

जीपीएस बताएगा स्क्वॉड की लोकेशन

चुनाव के दौरान प्रत्याशियों के खिलाफ कार्रवाई करने और नजर रखने के लिए आयोग ने फ्लाइंग स्क्वाड गठित किए हैं।

स्टेटिक और सेक्टर मजिस्ट्रेट को अलग-अलग लोकेशन पर रहना होगा।

इसके लिए जीपीएस से उनके वाहन को कनेक्ट किया जा रहा है।

वाहनों की पूरी लोकेशन ली जाएगी ताकि ट्रैक हो जाएं कि वे कहां हैं

26 अप्रैल को चुनाव चिंह आवंटन के बाद प्रचार प्रसार शुरू हो जाएगा।

प्रत्याशियों के खर्चो पर नजर रखने के लिए पूरे इतजाम कर लिए गए हैं। इस बार आयोग ने नकद खर्च की लिमिट भी कम कर दी है। शादी विवाह या लंगर में वोट मांगने पर समारोह का पूरा खर्च प्रत्याशी के खाते में चढ़ा दिया जाएगा। -राकेश सिंह,मुख्य कोषागार अधिकारी